हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शिमला केंद्र ने 31 जुलाई से 6 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और भूस्खलन तथा अचानक आने वाली बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का भी अनुमान है।
जिला स्तर की चेतावनी के अनुसार कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, शिमला, सिरमौर और ऊना के विभिन्न दिनों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कई जिलों में लगातार बारिश का दौर बने रहने से भूस्खलन, सड़क बाधित होने और जलभराव जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई। धर्मशाला में 15 सेंटीमीटर, चंबा के जोत में 8 सेंटीमीटर, चुवाड़ी में 7 सेंटीमीटर तथा मंडी और किन्नौर के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी इसी तरह की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।