बुलेटिन के अनुसार 22 जुलाई को चंबा और कांगड़ा में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, ऊना और अन्य जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अगले कई दिनों तक भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि, जलभराव, सड़कें फिसलन भरी होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। बागवानी और कृषि को भी नुकसान पहुंच सकता है।
आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचें। मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई। इस दौरान शिमला, बिलासपुर, धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
वीरवार को शिमला में बारिश
राजधानी शिमला में वीरवार सुबह से ही मौसम खराब है। झमाझम बारिश ने तापमान को ठंडा कर दिया है।
सुबह से लगातार बारिश, भीगकर स्कूल पहुंचे बच्चे; अगले दो दिन भी अलर्ट
सोलन जिले में गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह करीब 8:30 बजे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को उठानी पड़ी। बारिश के चलते कई स्कूली बच्चे छाते और रेनकोट के बावजूद भीगते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं दफ्तर जाने वाले लोगों को भी बारिश के कारण आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को भी सतर्क होकर सफर करना पड़ा।
बुधवार दोपहर को जिले में हल्की बारिश हुई थी, लेकिन गुरुवार सुबह से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। लगातार हो रही वर्षा से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सोलन सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पाड़च्छू में पहाड़ी से गिरीं भारी चट्टानें, एक घंटे तक बंद रहा धर्मपुर-सरकाघाट एनएच
लगातार हो रही बारिश के बीच धर्मपुर-सरकाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग-03 पर गुरुवार को पाड़च्छू के समीप अचानक पहाड़ी से चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश के चलते पहाड़ी कमजोर हो गई थी। इसी दौरान अचानक बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। देखते ही देखते सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई और वाहनों की आवाजाही थम गई। मार्ग बंद होने से धर्मपुर, सरकाघाट और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मौके पर मौजूद राकेश कुमार, सुनील कुमार, अनिल कुमार, ओम प्रकाश, विमला देवी और बबली देवी ने बताया कि भारी बारिश के बाद पहाड़ी से चट्टानें गिरने लगीं। कुछ ही देर में सड़क पर इतना मलबा जमा हो गया कि वाहनों का निकलना असंभव हो गया। उन्होंने बताया कि यदि उस समय सड़क पर अधिक यातायात होता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि जैसे ही सड़क बंद होने की सूचना प्राप्त हुई, तुरंत संबंधित कंपनी के अधिकारियों को निर्देश देकर जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते कम समय में मलबा हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं की संभावना बनी रहती है, इसलिए वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें।