इसी बदलाव के बीच प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू ने सभी विभागों को पत्र लिखकर भाजपा चार्जशीट में शामिल मामलों की जांच की मंजूरी मांगी है। खास बात यह है कि विभागों से ब्यूरो ने मंजूरी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि विभागीय मंजूरी मांगी है ताकि जांच के बाद जो भी नाम सामने आए, उन्हें सरकार के सामने रखकर अभियोग पंजीकृत करने की मंजूरी मांगी जा सके।
ब्यूरो के इस कदम के बाद विभिन्न विभागों के अफसरों में हड़कंप मच गया है। नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच की मंजूरी पर तो निर्णय आसान था। लेकिन पूरे विभाग की मंजूरी को लेकर पेंच फंस गया है। अधिकारिक सूत्र का कहना है कि विभाग के अधिकारी तय नहीं कर पा रहे कि वह मंजूरी दें या न न दें। चूंकि उन्होंने ही आरोपों के संबंध में जांच के लिए दस्तावेज भेजे थे, ऐसे में अब उनके लिए इंकार कर पाना भी आसान नहीं रह गया है।