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मानसून सत्र: थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मिलेगा मंत्रियों-विधायकों को प्रवेश, डॉक्टर भी रहेंगे मौजूद

Thu, 03 Sep 2020 07:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
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बेशक कोरोना संक्रमण के बीच संसद में मानसून सत्र में प्रश्नकाल सीमित होगा, पर हिमाचल विधानसभा में यह पूरा समय यानी एक घंटा चलेगा। राज्य विधानसभा सचिवालय को इसके लिए गुरुवार तक 805 सवाल मिले हैं। इनमें कोरोना, पंचायत पुनर्गठन, सड़क, पानी, नशा, एसएमसी शिक्षकों को लेकर कई प्रश्न हैं। सात सितंबर को दोपहर दो बजे शुरू हो रहा  सत्र 18 सितंबर तक प्रस्तावित है। इसमें 10 बैठकें होंगी।

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10 सितंबर गैर सरकारी सदस्य दिवस होगा। यह जानकारी गुरुवार को सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने दी। परमार ने बताया कि अभी तक सदस्यों की ओर से कुल 577 तारांकित प्रश्न मिले हैं। इनमें 131 ऑनलाइन, 97 ऑफलाइन मिले हैं। 228 अतारांकित सवाल हैं, जिनमें 131 ऑनलाइन ऑर 97 ऑफलाइन मिले हैं। इसके अलावा नियम 62, 101 और 130 में भी चर्चा के लिए 11 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।

इन्हें सरकार को भेजा गया है। कोरोना महामारी, पंचायतों के पुनर्गठन, एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द होने, सड़कों की दयनीय हालत, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की प्रतिपूर्ति करना, पर्यटन, उद्यान, पेयजल आपूर्ति, नशा संबंधी, बढ़ते आपराधिक मामलों आदि पर सवाल पूछे जाएंगे। परमार ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में सत्र का आयोजन चुनौतीपूर्ण है। सांविधानिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 22 सितंबर से पहले सत्र का आयोजन जरूरी था।
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सर्वदलीय बैठक में अपील, नियमों में रहकर जनहित के मुद्दे उठाएं

परमार ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, माकपा विधायक राकेश सिंघा और निर्दलीय विधायक होशियार सिंह मौजूद रहे। परमार ने कहा कि उनका सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अनुरोध है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों को ही सदन में उठाएं। 

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सदन में आ सकेंगे मंत्री-विधायक  
विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने बताया कि मानसून सत्र के लिए इस बार मंत्री, विधायक सदन में बेधड़क नहीं आ सकेंगे। उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग से होकर गुजरना होगा। किसी का भी तापमान ज्यादा रहा या जुकाम-बुखार रहा तो डिस्पेंसरी में उनकी जांच होगी कि कहीं उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं। ऐसी जांच सभी की होगी। इनमें अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार आदि शामिल रहेंगे। विधानसभा परिसर में ही डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था रहेगी। 

अमर उजाला में सुर्खियां बने ज्वलंत मुद्दे सदन में खूब गरमाएंगे
विपक्ष प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में जयराम सरकार को हमलावर तेवरों से सदन में घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है। अमर उजाला में सुर्खियां बने ज्वलंत मुद्दे सदन में खूब गरमाएंगे। प्रदेश में बेलगाम अफसरशाही और विधायकों- सांसदों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर अफसर के नाम पट्टिकाओं में लिखाने को लेकर भी विपक्ष के तीखे तेवर देखने को मिलेंगे।
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