फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सीएम और नेता प्रतिपक्ष में नोकझोंक, विपक्ष का वाकआउट

Thu, 11 Aug 2022 06:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों पर बिगड़कर कहते हैं कि आंखें खोलो सरकार, ये किसने लिख दिया। सरकार आउटसोर्स और अन्य कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
विज्ञापन
विपक्ष का वाकआउट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी हंगामेदार रही। जयराम सरकार के कार्यकाल में पहली बार सदन में विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। चर्चा में विपक्ष के कई सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिला तो कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री चर्चा का जवाब देने उठे तो विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।

विज्ञापन


इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए अग्निहोत्री ने कहा कि इस सदन का प्रदेश मंत्रिमंडल में कोई विश्वास नहीं है। मुख्यमंत्री जयराम को कुर्सी छोड़नी चाहिए और सरकार इस्तीफा दे। बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के चलते दूसरे दिन प्रश्नकाल नहीं हुआ। अग्निहोत्री ने कहा कि सरकारी खर्च पर रैलियां हो रही हैं। अरबों रुपये फिजूल खर्च हो रहे हैं। जब यह सरकार जाएगी तो प्रदेश पर 85,000 करोड़ रुपये कर्ज होगा।

इस पर मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष में कई बार नोकझोंक हुई। अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करते नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल के हितों को बेचा जा रहा है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उनके कत्ल किए जा रहे हैं। बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले बढ़ गए हैं। एक महिला का शव स्लीपिंग बैग में पाया गया और आज तक पता नहीं चला कि यह शव किसका था। पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला इस सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा मसला रहा है। सीबीआई को मामला दिया गया, लेकिन सीबीआई क्यों नहीं आई। 
विज्ञापन


2016 में पुलिस भर्ती पर उंगलियां उठाईं, तब इसे रद्द क्यों नहीं किया : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पलटवार कर कहा कि विपक्ष के नेता बहुत उत्साहित हैं। सरकार ने पुलिस भर्ती पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पेपर रद्द कर दिया और एसआईटी बनाई। इसके बाद मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। सीबीआई ने इस मामले को लेने में न अभी हां की और न इन्कार किया है। 2016 में पुलिस भर्ती पर उंगलियां उठाईं। तब इसे रद्द क्यों नहीं किया गया। अग्निहोत्री ने कहा कि अभी तक कार्रवाई केवल उन लोगों पर हुई, जिन्होंने पेपर खरीदा या लीक किया। जिन अधिकारियों की इसमें संलिप्तता रही, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। 

मुख्यमंत्री कर्मचारियों पर बिगड़ रहे, गैर हिमाचली अधिकारी बगीचे खरीद रहे : मुकेश 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों पर बिगड़कर कहते हैं कि आंखें खोलो सरकार, ये किसने लिख दिया। सरकार आउटसोर्स और अन्य कर्मचारियों का शोषण कर रही है। किसान-बागवान को कुुछ नहीं मिल रहा। निजी विश्वविद्यालयों पर कई खेल हो रहे हैं। गाड़ियों के पंजीकरण में गड़बड़ी हुई। नेशनल हाईवे बनाने की बात की गई, लेकिन ये कहां बने। कहां नई रेललाइन और नए हवाई अड्डे बने। नशे के खिलाफ कोई निर्णायक काम नहीं हुए। मानव भारती विश्वविद्यालय ने पूरे हिंदुस्तान और दूसरे देशों तक डिग्रियां बेच दीं। गैर हिमाचली अधिकारी यहां सेब के बगीचे खरीद रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें