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Shimla News: हिमाचल विवि के कर्मियों को भी मिलेगा पुरानी पेंशन का विकल्प

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15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगी सुविधा
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विवि की कुलसचिव ज्योति राणा ने जारी की अधिसूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला ने पुरानी पेंशन को लेकर कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने राज्य सरकार के निर्देशों को अपनाते हुए पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प दिया है।
यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए होगी जिनके पद या रिक्तियां 15 मई 2003 या उससे पहले भर्ती के लिए विज्ञापित या अधिसूचित हुई थीं। विश्वविद्यालय की कुलसचिव ज्योति राणा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसके तहत पात्र कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम, 1972 के तहत आने का एकमुश्त विकल्प ले सकेंगे। कर्मचारियों को यह विकल्प 31 अक्तूबर तक देना होगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है जिनकी भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन व्यवस्था बंद होने से पहले शुरू हुई थी। ऐसे कई मामलों में पद पहले विज्ञापित हो गए थे लेकिन नियुक्ति बाद में हुई। अब नियुक्ति की तारीख के बजाय पद विज्ञापित होने की तारीख को आधार बनाया जाएगा।
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15 मई 2003 से पुरानी पेंशन व्यवस्था को नई नियुक्तियों के लिए बंद किया था। इसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को अंशदायी पेंशन व्यवस्था में शामिल किया गया। बाद में इसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का नाम दिया गया। वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की थी, उस समय 15 मई 2003 से 31 मार्च 2023 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी या नई पेंशन चुनने का विकल्प मिला था। अब पुराने विज्ञापनों के आधार पर पात्र कर्मचारियों के लिए अलग प्रावधान किया है। निर्धारित समय में विकल्प नहीं देने पर कर्मचारी मौजूदा पेंशन व्यवस्था में ही रहेंगे। एक बार विकल्प देने के बाद इसे वापस नहीं लिया जा सकेगा। विकल्प देने वाले कर्मचारी का मामला नियुक्ति प्राधिकारी के समक्ष रखा जाएगा। शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों के पक्ष में 31 दिसंबर 2026 तक आदेश जारी करने होंगे। इसके बाद उनका राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली खाता 28 फरवरी 2027 से बंद होगा। पुरानी पेंशन चुनने वाले कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि में अंशदान करना होगा। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में कर्मचारी के अंशदान और सरकारी अंशदान का नियमों के अनुसार अलग-अलग समायोजन किया जाएगा।
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