जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को बैंकों से ऋण लेने की सुविधा देने के लिए जमीन गिरवी रखने देने का बिल वीरवार को सदन में ध्वनिमत से पारित हो गया। अल्पकालिक चर्चा के बाद इस विधेयक का सत्ता पक्ष ने ही नहीं बल्कि विपक्ष के एक विधायक ने भी समर्थन किया। हां में हां मिलाते हुए यह विधेयक सदन में भोजनावकाश से पहले पारित कर दिया गया।
अब तक हिमाचल में यह व्यवस्था रही है कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग केवल सहकारी बैंकों से ही कर्ज ले पाते थे, मगर अब वे राष्ट्रीयकृत बैंकों के पास जमीन मोर्टगेज करके भी कर्ज ले पाएंगे। इस बिल के पारण का प्रस्ताव रखते हुए जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि इससे इन क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो रही है।