केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली की ओर से तैयार की गई स्वदेशी टिटनेस व डिप्थीरिया (टीडी) वैक्सीन इंट्रा मस्कुलर इंजेक्ट होगी। लोग अपने सुविधा के अनुसार वैक्सीन को कंधे और हिप में इंजेक्ट करवा सकेंगे। इसके दाम भी न के बराबर हाेंगे। हालांकि, ये वैक्सीन प्रदेश सरकार की ओर खरीद की जाएगी और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में शामिल की जाएगी। इसके बाद गर्भवती महिलाओं और व्यस्कों को बीमारी से शरीर में प्रतिरोध क्षमता तैयार होगी। इस बदलाव का उद्देश्य मातृ एवं नवजात शिशु टेटनस उन्मूलन और नियमित टीकाकरण गतिविधियों में हासिल की गई उपलब्धियों को बनाए रखते हुए, टिटनेस के साथ-साथ डिप्थीरिया से सुरक्षा को बढ़ाना और मजबूत करना है।
वैक्सीन को सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में शामिल किया है। लोगों को वैक्सीन इंट्रा मस्कुलर लगेगी। अप्रैल में 55 लाख खुराक की आपूर्ति की जाएगी। इसका लक्ष्य रखा गया है और इस पर कार्य किया जा रहा है। -डॉ. यशवंत कुमार, सहायक निदेशक व जनसंपर्क अधिकारी, सीआरआई कसौली