अनुपमा सिंह ने मंडी-कोटली राजमार्ग का मुद्दा उठाया
इस दौरान अनुपमा सिंह ने एनएच -3 मंडी-कोटली राजमार्ग से जुड़ा मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजमार्ग निर्माण में लगी कंपनी मनमानी कर रही है और समय पर कार्य पूरा नहीं कर रही। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पहले उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग की स्थिति पर चिंता जताई थी। इसके बाद सरकार ने यह काम दूसरी कंपनी को दिया लेकिन वह भी अपेक्षित काम नहीं कर रही है।
आठ सदस्यीय टीम पहुंची बिलासपुर, भराड़ी थाना से चार जवान और दिए
पंकज को उपतहसील भराड़ी के गांव बल्ह जोल स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पंकज को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली से सीबीआई के एसपी और डीएसपी रैंक के दो अधिकारियों के साथ आठ सदस्यों की टीम पहुंची थी। सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी थी। भराड़ी थाना से चार जवान सीबीआई की मदद के लिए दिए गए। रविवार दोपहर करीब 12 बजे पंकज के घर पहुंची। थोड़ी देर बाद सीबीआई टीम उसे शिमला ले गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने बताया कि सीबीआई टीम को भराड़ी थाना से चार जवान दिए गए। पंकज को सुरक्षित शिमला पहुंचाने के लिए पुलिस जवान सीबीआई टीम के साथ गए।
चंबा में अधिक नुकसान, सरकार करेगी हरसंभव मदद : राज्यपाल
डलहौजी पहुंचे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि आपदा में चंबा जिले को अधिक नुकसान पहुंचा है और जिले के लोगों को इससे उभारने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार हरसंभव मदद करेगी। आपदा की इस घड़ी में जिस तरह का राहत पैकेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के लिए घोषित किया है, यह एक ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय टीमें आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जो रिपोर्ट देंगी, उस पर भी आकलन कर प्रदेश के लिए और क्या किया जा सकता है, केंद्र सरकार उस पर भी विचार करेगी। प्रदेश में वन भूमि अधिनियम होने के कारण प्रभावितों को तुरंत तो भूमि उपलब्ध नहीं करवाई जा सकती, लेकिन प्रभावितों की हालत से हम पूरी तरह परिचित होने के कारण यह अवश्य विचार कर रहे हैं कि किस तरह से इस बारे में किस तरह से उनकी सहायता की जा सके। जो राहत सामग्री दूसरे प्रदेशों से भेजी गई है, उसका अधिकांश भाग जिला चंबा के प्रभावितों को वितरित किया जाएगा। उन्होंने अवैध कटान विषय पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि जिस तरह से बाढ़ के दौरान लकड़ी के स्लीपर बड़ी संख्या में बह कर आए हैं, यह अत्यंत गंभीर विषय है। इस बारे में उन्होंने प्रदेश सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने के हिदायत दी है।
केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने जाना भरमौर के लोगों का दर्द
केंद्रीय जनजातीय मामले राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने रविवार को भरमौर में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रभावितों का दर्द जाना और उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्हाेंने कहा कि वह नुकसान को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद केंद्र सरकार उसी तर्ज पर मदद करेगी। इस दौरान विधायक डॉ. जनकराज उनके साथ रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि केंद्र की तरफ से भरमौर को अधिक से अधिक राहत मिल सके। विधायक डॉ. जनकराज ने बताया कि ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि जिले में बारिश से हुए नुकसान का निरीक्षण और प्रभावितों से मिलने के लिए केंद्रीय मंत्री आए हैं। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से अपील की है कि भरमौर क्षेत्र में आपदा प्रभावित परिवारों की जल्द मदद की जाए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कल से हिमाचल प्रदेश में आकर जो नेशनल हाईवे को जो क्षति पहुंची है उसका आकलन किया और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल दौरे के पश्चात निर्णय लिया गया था कि केंद्र के कुछ मंत्री हिमाचल आएं और जमीनी स्तर पर जो नुकसान हुए हैं उसका आकलन करें। प्रधानमंत्री के प्रवास के पश्चात 7 मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई। ऐसे में आज की यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बहुत अच्छे सुझाव दिए हैं जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद देता हूं। जो क्षति हुई है उसकी रिपोर्ट को वे(अजय टम्टा) केंद्र में जाकर मंत्रालय में भी देंगे और उच्चस्तरीय बैठक में भी उसे पेश करेंगे। प्रदेश सरकार से भी हमारी यह उम्मीद है कि वह जल्द ही राहत के कार्यों को पूरा करेगी।