हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब उच्च शिक्षा, शोध, विशेष प्रशिक्षण या पेशेवर अध्ययन के लिए स्टडी लीव लेने पर उनकी आय प्रभावित नहीं होगी। प्रदेश सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए अध्ययन अवकाश के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (डीए) और मकान किराया भत्ता (एचआरए) भी मिलता रहेगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1972 में संशोधन करते हुए स्टडी लीव से जुड़े नियमों को और कर्मचारी हितैषी बनाया है। यह संशोधन 7 अगस्त 2024 से प्रभावी माना जाएगा। सरकार के इस फैसले से उन कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा जो देश-विदेश के विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों या विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए अध्ययन अवकाश लेते हैं। अब उन्हें पढ़ाई के दौरान वेतन कटौती या आर्थिक असुरक्षा की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। नए नियमों के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी विदेश में अध्ययन अवकाश पर जाता है तो उसे अवकाश पर जाने से पहले प्राप्त हो रहा पूरा वेतन मिलेगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी जारी रहेगा। यही सुविधा भारत के भीतर अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगी। यह फैसला कर्मचारियों को नई तकनीक, आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं और उच्च शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।