निदेशालय ने पत्र में स्पष्ट किया है कि बीएड में प्रबंधन कोटे की खाली सीटों पर दाखिला लेने वाले छात्र छात्रवृत्ति के पात्र नहीं होंगे। केवल मेरिट और प्रवेश परीक्षा से हुए दाखिलों को ही छात्रवृत्ति मिलेगी। निदेशालय ने कॉलेज प्रबंधनों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल उन्हीं छात्रों के आवेदनों का सत्यापन करें, जिनका दाखिला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) या सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) की ओर से आयोजित प्रवेश परीक्षा या फिर शैक्षणिक मेरिट के आधार पर किया गया हो।
प्रबंधन कोटे के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदनों को किसी भी स्थिति में सत्यापित न किया जाए। यदि किसी कॉलेज की ओर से नियमों के विपरीत सत्यापन किया जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संस्थान की होगी। भविष्य में यदि ऐसे मामलों में अनियमितता पाई गई तो कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य नोडल अधिकारियों की ओर से जिन छात्रों के आवेदन त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल 29 और 30 जनवरी खोला जाएगा। कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे सभी छात्रों को तुरंत सूचित करें, ताकि वे समय रहते आवेदन दोबारा जमा कर सकें। कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति आवेदनों के सत्यापन की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है।