पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में एनडीआरएफ बटालियन की स्थापना नहीं होने दी। भाजपा कार्यकाल में इसे स्वीकृति दी गई थी। बटालियन को पठानकोट के नजदीक नूरपुर में स्थापित किया जा रहा था।
यह जगह पठानकोट एयरपोर्ट से महज 15 मिनट की दूरी पर थी। यहां से आपदा के समय तीन राज्यों हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को मदद मिल सकती थी।
इसके लिए 12 करोड़ की भूमि का अधिग्रहण प्रस्ताव बनाया जा चुका था, लेकिन ऐन मौके पर राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ और मौजूदा सरकार ने इस परियोजना को खटाई में डाल दिया। धूमल सोलन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंडी में हुए हादसे समेत प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की जरूरत अब महसूस हो रही है। कांग्रेस सरकार ने एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बंद करवाया था।
प्रदेश में भाजपा ने सत्तासीन होते ही पंजाब की उस समय की बादल सरकार से मिलकर आनंदपुर साहब और नयनादेवी के बीच रोप-वे को मंजूरी दी थी।
इसका सारा खर्च पंजाब सरकार उठाने को तैयार थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने प्रोजेक्ट को पूरा नहीं होने दिया। भाजपा दो धार्मिक नगरों को रो-पवे से आपस में जोड़ने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही थी।
पहले शुद्धिकरण, फिर एंट्री
धूमल ने कहा कि भाजपा चुनाव की तैयारी कर चुकी है। बहुत से कांग्रेस नेता भाजपा के संपर्क में हैं। इनका पहले शुद्धिकरण किया जाएगा।
यह शुद्धिकरण सिर्फ गंगाजल से नहीं, बल्कि अन्य कई माध्यमों से होगा। इसके बाद किसी कांग्रेसी को भाजपा में स्वीकार किया जाएगा। पार्टी सिर्फ चुनाव जीतने वालों को ही टिकट देगी।