डीएलएस ने जो इससे पहले रिपोर्ट सौंपी है अदालत ने उसे अपर्याप्त पाया, क्योंकि अक्तूबर 2025 में किए गए निरीक्षण के दौरान भारी मानसून और झाड़ियों के कारण अधिकारी जंगल की गहराई तक नहीं जा सके थे। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। सुनवाई के दौरान न्याय मित्र ने अदालत को एक पत्र का हवाला दिया, जिसमें वन मंडल अधिकारी ऊना ने पहले ही इस संबंध में 2025 में एक एफआईआर दर्ज की है और जांच-पड़ताल के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने हेतु पुलिस को पत्र लिखा था।