वर्तमान में करीब तीन हजार किसान इस पद्धति से किसानी-बागवानी कर रहे हैं। केंद्रीय बजट से इस बार वैसे तो हिमाचल को कुछ नहीं मिला है, लेकिन बजट में कई ऐसे प्रावधान हैं, जिनसे प्रदेश को लाभ होगा।
70 फीसदी से ज्यादा ग्रामीण अंचल वाले हिमाचल ने इसी साल प्राकृतिक खेती की शुरुआत की है। केंद्र ने बजट में इसे शामिल कर न सिर्फ प्रदेश के प्रयास को प्रोत्साहित किया है, बल्कि इसे वित्तीय सहयोग भी मिलना तय है।
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा करने को एग्रो आधारिक उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्फूर्ति योजना से भी प्रदेश के दस्तकारों को लाभ मिलेगा।
जन-धन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा तथा स्वयं सहायता समूह की एक सदस्य को एक लाख तक के मुद्रा लोन की व्यवस्था महिला सशक्तीकरण की दिशा में कारगर सिद्ध होंगे।
वर्तमान में प्रदेश के 89 प्रतिशत घरों तक पानी के कनेक्शन हैं। केंद्रीय बजट में हर घर जल योजना से 2024 तक प्रदेश के हर घर तक पानी के कनेक्शन पहुंचेंगे। एक देश एक ग्रिड योजना से भी हिमाचल को लाभ होगा। इस नई योजना से प्रदेश में उत्पादित बिजली देश के किसी भी कोने में बेची जा सकेगी।
हिमाचल का रोड नेटवर्क होगा मजबूत
भारत माला परियोजना के दूसरे चरण में राज्यों में सड़क नेटवर्क सुदृढ़ करने और सड़कों के रखरखाव व सुधार को नई नीति बनाने का निर्णय लिया है। इससे हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य को लाभ होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया है, उससे जहां गरीब को बल मिलेगा वहीं युवाओं को बेहतर कल मिलेगा। बजट में सभी वर्गों का विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है। यह बजट स्थायी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में ग्रामीण स्तर की महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए काम किया है तथा अब नारी तू नारायणी योजना के तहत जन-धन खाते से महिलाओं को 5 हजार का ओवर ड्राफ्ट मिल सकता है।
इसके अलावा 1 लाख तक मुद्रा योजना के तहत ऋण का प्रावधान है तथा विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के तहत अनेक प्रकार की सुविधाएं सरकार की ओर से प्रदान करवाई जाएगी।