भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर
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भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार पंचायती राज चुनावों को लेकर शुरुआत से ही भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा करती रही है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस सरकार ने विभिन्न बहानों से पंचायती राज चुनावों को टालने का प्रयास किया और अब पुनर्गठन के नाम पर जल्दबाजी में फैसले लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से खिलवाड़ किया जा रहा है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पुनर्गठन की अधिसूचना पर सवाल उठाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी और नियमों का पालन किए पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणी यह दर्शाती है कि सरकार के फैसले में कई खामियां हैं, जिनकी वजह से न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की जड़ हैं और इनके चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों के तहत होने चाहिए। लेकिन कांग्रेस सरकार ने अपने राजनीतिक हितों के चलते इस पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में डाल दिया है। कभी चुनावों को टालने का प्रयास किया गया और जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लेकर नई उलझन खड़ी कर दी गई।