सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से जमा दो कक्षा के करीब नौ लाख विद्यार्थियों को अगले हफ्ते से निशुल्क वर्दी का आवंटन शुरू होगा। प्रदेश के दूरदराज के जिलों चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सबसे पहले विद्यार्थियों को वर्दी दी जाएगी। इन जिलों के कुछ क्षेत्रों में वर्दी की सप्लाई भेज दी गई है।
पहली से जमा दो कक्षा के छात्रों को सरकार हर साल निशुल्क वर्दी देती है। पहली से दसवीं कक्षा तक सरकार वर्दी सिलाई को अलग से शुल्क देती है, जबकि जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को वर्दी सिलाई का पैसा नहीं दिया जाता है। सरकार दो योजनाओं के तहत पहली से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को निशुल्क वर्दी देती है।
महात्मा गांधी वर्दी योजना के तहत पहली से दसवीं और मुख्यमंत्री वर्दी योजना के तहत जमा एक और जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी दी जाती है। महात्मा गांधी वर्दी योजना के तहत स्कूली विद्यार्थियों को वर्दी के लिए कपड़ा और सिलाई के लिए पैसा दिया जाता है। मुख्यमंत्री वर्दी योजना में सिर्फ कपड़ा दिया जाता है।
योजना के तहत सिलाई का पैसा सरकार नहीं देती। साल 2016 से सरकार ने जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को भी वर्दी देने का फैसला लिया है। दोनों वर्दी योजनाओं के तहत लड़कों को पैंट-कमीज और लड़कियों को सलवार-कमीज का कपड़ा दिया जाता है।
महात्मा गांधी वर्दी योजना में पहली से दसवीं के करीब साढ़े सात लाख विद्यार्थियों को वर्दी दी जाएगी, जबकि मुख्यमंत्री वर्दी योजना में जमा एक और जमा दो के पौने दो लाख विद्यार्थियों को वर्दी मिलेगी।
शिक्षा निदेशालय वर्दी की खरीद खाद्य आपूर्ति निगम के माध्यम से करवाता है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को निशुल्क वर्दी देने के लिए सप्लाई ऑर्डर दे दिया है। जल्द वर्दियों का आवंटन शुरू किया जाएगा।