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हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड: नियमित विद्यार्थियों के साथ परीक्षा देंगे एसओएस अभ्यर्थी

Fri, 13 Oct 2023 11:11 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला

सार

 हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस परीक्षाओं में कई बदलाव किए हैं। इन बदलावों के चलते राज्य मुक्त विद्यालय और नियमित परीक्षार्थियों के सिलेबस को एक समान किया गया है।
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परीक्षा(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) और स्कूल शिक्षा बोर्ड के नियमित परीक्षार्थियों की परीक्षाएं अब एक साथ एक ही शिफ्ट में होंगी। दोनों के ही परीक्षार्थियों को एक जैसा प्रश्नपत्र हल करने के लिए मुहैया करवाया जाएगा। इससे बोर्ड प्रबंधन का अतिरिक्त खर्च बचेगा। एसएचओ परीक्षा के लिए बोर्ड को अलग से स्टाफ तैनात करना पड़ता था।  जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस परीक्षाओं में कई बदलाव किए हैं। इन बदलावों के चलते राज्य मुक्त विद्यालय और नियमित परीक्षार्थियों के सिलेबस को एक समान किया गया है। ऐसे में अब एसओएस और नियमित परीक्षार्थियों की परीक्षाएं एक साथ और एक शिफ्ट में आयोजित की जा सकेंगी। 

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एक ही शिफ्ट में परीक्षाएं होने से बोर्ड पर कर्मचारियों के पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ से छुटकारा मिलेगा। इससे पहले एसओएस से संबंधित परीक्षार्थियों के लिए शिक्षा बोर्ड की ओर से अलग से परीक्षाएं आयोजित करवाई जाती थीं। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र भी अलग से तैयार करने पड़ते थे।हालांकि नियमित और एसओएस परीक्षार्थियों की परीक्षाएं एक ही दिन होती थीं। पर परीक्षाएं सुबह और शाम के सत्र में करवाई जाती थीं। सुबह के सत्र में नियमित और दूसरे सत्र में एसओएस की परीक्षाएं होती थीं। अब एक ही सत्र में परीक्षाएं होने से बोर्ड प्रबंधन को राहत मिलेगी। बोर्ड प्रबंधन को एसओएस परीक्षार्थियों के लिए न तो अलग से प्रश्नपत्र तैयार करने पड़ेंगे और न ही उनकी परीक्षाओं का आयोजन करवाने के लिए अलग से स्टाफ तैनात करना पड़ेगा। एसओएस परीक्षार्थियों की परीक्षाओं में भी पारदर्शिता आएगी।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एसओएस से संबंधित कई बदलाव किए हैं। इसके तहत अब जहां परीक्षाएं नियमित परीक्षार्थियों के साथ आयोजित होंगी, वहीं, एक ही प्रकार का सिलेबस होने के कारण एसओएस के परीक्षार्थियों के लिए अलग से प्रश्नपत्र तैयार करने की जरूरत नहीं होगी। एक शिफ्ट में परीक्षाएं होने से एक्ट्रा स्टाफ की जरूरत भी नहीं होगी। - डॉ. विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला

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