हिमाचल प्रदेश में 810 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का डिजिटाइजेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने इस काम के लिए राज्य सरकार को 3 09 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सहकारी सभाओं के कामकाज में पारदर्शिता के लिए यह निर्णय लिया गया है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को पैक्स भी कहा जाता है। ये ग्रामीण स्तर पर ऋण देने वाली छोटी बुनियादी सहकारी संस्थाएं हैं। ये समितियां ग्राम पंचायत के स्तर पर बनी हैं। इन समितियों से किसानों और ग्रामीणों को ऋण दिया जाता है। अन्य सेवाएं भी दी जाती हैं। इन समितियों में सदस्य, एकल किसान, कारीगर और अन्य कमजोर वर्गों के लोग हिस्सेदार होते हैं।
यह समितियां अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों, नाबार्ड, आरबीआई जैसी वित्तपोषण एजेंसियों के बीच कड़ी का काम करती हैं। हिमाचल प्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं की कुल संख्या 56023 है। इनमें 11195 महिला मंडल और 4729 युवा मंडल हैं। सहकारी सभाएं 5486 हैं। इनमें 810 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां हैं। वहीं, राज्य सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अवर सचिव सौरभ मिश्रा ने इस सबंध में एक पत्र राज्य सरकार के प्रधान सचिव वित्त को भेजा है। सचिव सहकारिता को भी इस संबंध में सूचना दी गई है।