उस दौरान क्रमबार पांच ब्रिटिश नागरिक हेडमास्टर यहां पर सेवारत रहे। इसके अलावा वर्ष 1887 में इस पाठशाला में छात्राओं को शिक्षा की धारा से जोड़ने की व्यवस्था रही। इस दौरान पांच अंग्रेज हेडमास्टरों ने विद्यालय में व्यवस्थाओं कायम रखने का जिम्मा संभाला। इसका एडमिशन विड्रॉल रजिस्टर में आज भी हस्ताक्षर और उस दौरान उत्तीर्ण रहे विद्यार्थियों के नाम-पते सहित पूरा विवरण मौजूद है। जल्द ही विद्यालय प्रबंधन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के नाम से वेबसाइट तैयार करने के अलावा इस रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस संबंध में जागरूक किया जा सके। राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह जंदरोटिया ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को सहेज कर आने वाली पीढ़ियों को बताने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए वेबसाइट तैयार की जा रही है।