प्रदेश में उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो लगभग 43 प्रतिशत है, जो देश में तमिलनाडु के बाद दूसरा स्थान है। जबकि तमिलनाडु में यह लगभग 47 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में सात हजार अध्यापकों की तैनाती की है। स्कूल कैडर पीजीटी के 600 से अधिक पद आयोग के माध्यम से भरे गए हैं। जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगभग 500 पद ही भरे गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 134 सरकारी महाविद्यालय कार्यरत हैं। बदलते समय के अनुसार विद्यार्थियों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।
विभागीय कामकाज की समीक्षा करेंगे शिक्षा मंत्री रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर शुक्रवार को राज्य सचिवालय में विभागीय कामकाज की समीक्षा करेंगे। बैठक में सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की चयन प्रक्रिया और एक अप्रैल से पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। वित्त वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं को लेकर भी शिक्षा मंत्री अधिकारियों से अपडेट लेंगे।