चार से पांच विभिन्न भवनों का अवलोकन करने के बाद टीम ने कोतवाली बाजार में दमकल विभाग कार्यालय के समीप स्थित नगर निगम के पुराने भवन को रेरा मुख्यालय के लिए उपयुक्त पाया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कटोच सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। रेरा अधिकारियों ने संयुक्त आयुक्त और उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा से भवन की मरम्मत, रंगरोगन और अन्य आवश्यक कार्य शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया। रेरा अध्यक्ष आरडी धीमान ने पुष्टि की है कि कोतवाली स्थित भवन रेरा के लिए उपयुक्त है और आवश्यक मरम्मत के बाद कार्यालय स्थानांतरित कर दिया जाएगा। वहीं, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि रेरा चेयरमैन के साथ बैठक हुई है। उन्होंने कहा कि शहर में उपलब्ध खाली भवनों का निरीक्षण कराया गया है।
बिल्डरों को अब नहीं जाना पड़ेगा शिमला
रेरा की टीम ने चीलगाड़ी स्थित हिमुडा भवन और जिला परिषद के खाली भवन का भी निरीक्षण किया, लेकिन अंततः नगर निगम के भवन को ही सबसे उपयुक्त माना गया। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मुख्यालय को औपचारिक रूप से शिमला से धर्मशाला शिफ्ट कर दिया जाएगा। धर्मशाला में रेरा मुख्यालय स्थापित होने से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना सहित निचले हिमाचल के बिल्डरों को अब आवासीय कॉलोनियों से संबंधित औपचारिकताओं के लिए शिमला नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी।