हिमाचल प्रदेश में बारिश का असर अभी भी जनजीवन पर भारी पड़ रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 3 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 110 सड़कें बंद हैं। इसके साथ ही 198 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हैं और 56 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में प्रभावित हुई हैं। यहां कुल 51 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 22, चंबा में सात, कांगड़ा में सात, शिमला में आठ, सिरमौर में आठ, ऊना में चार, लाहौल-स्पीति में एक और सोलन में दो सड़कें बंद हैं।
198 बिजली ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश में बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक 198 डीटीआर बाधित हैं। इनमें चंबा में 35, कुल्लू में 26, हमीरपुर में 23, मंडी में आठ, शिमला में 53, सिरमौर में 11 और सोलन में 65 डीटीआर प्रभावित हैं।
56 पेयजल योजनाएं प्रभावित
बारिश के कारण प्रदेश की 56 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। रिपोर्ट में कुल 56 वाटर सप्लाई स्कीम प्रभावित बताई गई हैं।
मानसून में अब तक 261 लोगों की मौत
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 2 सितंबर तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल में आपदा से संबंधित घटनाओं में 261 लोगों की जान गई है। रिपोर्ट में 471 लोगों के घायल होने का भी उल्लेख है। जिलेवार आंकड़ों में शिमला में 35, कांगड़ा में 33, सिरमौर में 33, चंबा में 31, कुल्लू में 25, मंडी में 23 और ऊना में 21 मौतें दर्ज हैं।
सड़क हादसे भी बने मौत की बड़ी वजह
मानसून सीजन के दौरान सड़क हादसों में 154 लोगों की मौत दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में चंबा, शिमला और सिरमौर में 19-19 मौतें दर्ज हैं, जबकि कांगड़ा में 17 और कुल्लू में 16 लोगों की जान गई।
लाहौल-स्पीति में आपदा से 20 मौतें
आपदा से हुई मौतों के कारणों की जिलेवार रिपोर्ट में लाहौल-स्पीति में 13 मौतें भूस्खलन और अन्य घटनाओं से जुड़ी दिखाई गई हैं। कुल मिलाकर जिले में 20 मौतों का आंकड़ा संचयी रिपोर्ट में दर्ज है।