डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि साल 2016-17 में भी विभाग ने करीब एक करोड़ की आय अर्जित की थी। आने वाले समय में विभाग कैदियों को कई अन्य तरह के उत्पाद बनाने के लिए कौशल विकास के लिहाज से शिविर भी लगाए की तैयारी कर रहा है।
वैसे तो जेलों में सजा काटने के लिए कैदियों को भेजा जाता है, लेकिन हिमाचल जेल विभाग के ‘हर हाथ को काम’ अभियान की बदौलत जरायम की दुनिया में कदम रखने वाले कैदी अब जेल के अंदर मेहनत की कमाई अर्जित कर रहे हैं।
गोयल कहते हैं कि हर हाथ को काम अभियान सिर्फ इसलिए शुरू किया गया, क्योंकि जेलों का काम सजा पाए कैदी को सजा से ज्यादा सुधार का माहौल देना है। यह वजह है कि विभाग जेल में उन्हें सही रास्ते पर चलने के लिए एक प्लेटफार्म मुहैया कराने की कोशिश कर रहा है।