हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 1 जुलाई 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च से 30 जून 2026 के बीच प्रदेश में आपदाओं से करीब 2,984.27 लाख रुपये (29.84 करोड़ रुपये) का नुकसान दर्ज किया गया है। इसी अवधि में 128 लोगों की मौत हुई है, जबकि 667 लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट देखें
रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं में 398 पशुओं की मौत हुई है। निजी संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस दौरान 1,592 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 354 गोशालाएं, 21 दुकानें, 8 श्रमिक शेड, 22 घराट एवं श्मशान घाट और 47 फसलों से जुड़े नुकसान दर्ज किए गए हैं।
आर्थिक नुकसान के मामले में शिमला जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 732.83 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई। इसके बाद कुल्लू में 426 लाख रुपये, सोलन में 464 लाख रुपये, चंबा में 285.32 लाख रुपये और मंडी में 263.29 लाख रुपये का नुकसान दर्ज हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार, प्री-मानसून अवधि में विभिन्न कारणों से हुई 128 मौतों में सबसे अधिक 75 लोगों की मौत पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने की घटनाओं में हुई। इसके अलावा 30 लोगों की मौत आग, 11 अन्य कारणों, 5 करंट लगने, 4 सांप के काटने, 2 बिजली गिरने और 1 डूबने की घटना में हुई।
अलग से दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में 270 लोगों की मौत भी हुई है।