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Himachal Weather: कुल्लू मुख्यालय में विद्युत आपूर्ति बहाल, वामतट मार्ग पर रातभर जाम में फंसे रहे पर्यटक

Wed, 12 Jul 2023 03:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क,कुल्लू/मनाली

सार

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और मकान ढहने की कई घटनाओं में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। बुधवार को मनाली से कुल्लू छोटे वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई है। 
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कुल्लू में बिजली बहाल, वामतट मार्ग पर फंसे रहे सैलानी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर भले ही थम गया हो लेकिन दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़कें सैलाब में बह गई हैं तो मुश्किलें बेहिसाब हैं। घर से बाहर तक जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन और मकान ढहने की कई घटनाओं में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। बुधवार को मनाली से कुल्लू छोटे वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई है। वाहनों को वाया लेफ्ट बैंक होते हुए अरछन्डी, अरछन्डी से रायसन फिर राइट बैंक होते हुए कुल्लू भेजा जा रहा है।

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56 घंटे बाद मलाणा से वैकल्पिक बिजली व्यवस्था
अभी तक मनाली से लगभग 1610 वाहनों को सुरक्षित निकला है। मुख्यमंत्री के दखल के बाद कुल्लू मुख्यालय सहित आसपास के कुछ इलाकों में बिजली आपूति बहाल हो गई है। 56 घंटे बाद मलाणा से वैकल्पिक बिजली व्यवस्था की गई है। इस मामले में बिजली कंपनी द्वारा जिला प्रशासन बात नहीं सुनने के बाद मुख्यमंत्री और सीपीएस को दखल देना पड़ा। मंगलवार रात 10:00 बजे बिजली बहाल हुई। वहीं, कुल्लू में पेयजल के लिए जद्दोजहद जारी है। शहर में पानी के टैंकर से सप्लाई की जा रही है। उधर, मनाली में चार दिन बाद इंटरनेट सेवा तो बहाल हो गई, लेकिन अभी भी सिग्नल की दिक्कत है। बिजलीं अभी भी गुल है।

वामतट मार्ग पर रातभर जाम में फंसे पर्यटक
वहीं, मौसम खुलने के बाद जनजीवन पटरी पर लौट रहा है। लेकिन दुश्वारिया कम नहीं हुईं। प्रशासन ने कुल्लू से मनाली तक वामतट मार्ग खोल दिया है। एक ही दिन में वापस जाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच गए। इससे सरसेई से अरचंडी तक जाम लग गया। पर्यटक व अन्य लोग रातभर ट्रैफिकजाम में फंसे रहे । मनाली से दोपहर 1:00 बजे निकले लोग बुधवार सुबह 4:00 बजे कुल्लू पहुंचे। चंबा-तीसा मार्ग भी भूस्खलन के चलते कियाणी के पास बंद पड़ा है।
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आज शाम तक बचाव दल का चंद्रताल पहुंचने का लक्ष्य
लाहौल-स्पीति जिले के चंद्रताल में फंसे 300 लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान के दूसरे दिन 12 किलोमीटर सड़क बहाल की गई। अभी भी चंद्रताल में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर का सफर बाकि है। एडीसी राहुल जैन ने जानकारी देते हुए कहा भारी बर्फबारी के कारण तीन से चार फीट की बर्फ कुंजम दर्रा से चंद्रताल तक है। इसी के साथ शाम होते ही तापमान में भारी गिरावट आ रही हैं। तापमान माइनस पांच डिग्री सेल्सियस ने नीचे जा रहा है। एडीसी ने कहा कि आज शाम तक बर्फ हटाकर चंद्रताल तक पहुंचने का है ताकि फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। 

2500 पर्यटक औट से सुरक्षित निकाले 
भूस्खलन से अस्वरुद्ध हुए मंडी-कुल्लू एनएच के चलते औट में फंसे करीब 2500 पर्यटकों को मंगलवार को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन्हें वाया चैलचौक होते हुए भेजा गया है। औट से करीब 1000 से अधिक वाहनों को रवाना किया गया है। यहां पर्यटक एनएच बंद होने से होटलों व अन्य जगहों पर रुके हुए थे। दिनभर पुलिस के जवानों ने पर्यटकों व अन्य लोगों के वाहनों को निकालने के लिए एनएच पर व्यवस्था बनाई। पुलिस टीमें औट से लेकर पंडोह के पास तक तैनात रहीं। पुलिस को पहचान में लाए गए करीब 100 से अधिक पर्यटक पंजाब, हरियाणा, हैदराबाद, बंगाल, उड़ीसा, गुजरात से थे। इनकी पुलिस ने पहचान करके ही घरों को भेजा है। वहीं, कुछ अन्य पर्यटकों को जल्द ही मार्ग खुलने पर रवाना किया जाएगा।
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कालका-शिमला रेल ट्रैक 16 तक बंद, एनएच बहाल
कालका-शिमला रेल ट्रैक 16 जुलाई तक बंद रहेगा। उधर, नंगल से अंब-दौलतपुर चौक तक लगातार चौथे दिन ट्रेनों के रूट रद्द रहे। इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ, जब इतने लंबे समय तक ट्रेनों के रूट बंद रहे हों। रेल प्रशासन का कहना है कि पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में कई स्थानों पर रेल पटरियों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, शिमला-कालका नेशनल हाईवे को मंगलवार दोहपर 3:30 बजे पूर्ण रूप से बहाल कर दिया गया है।
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