शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
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अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में हुए घोटाले की जांच में 27 विश्वविद्यालय और महाविद्यालय संलिप्त पाए गए हैं। मामले की सीबीआई जांच जारी है। अभी तक कुल छह गिरफ्तारियां की गई हैं। इसमें पांच निजी संस्थान के अधिकारी/कर्मचारी और एक सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के प्रभावित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना के तहत पूर्व में रुकी छात्रवृत्ति राशि वितरित की जा रही है।
इन संस्थानों की है छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्तता
- आईटीएफटी शिक्षा समूह कुराली, चंडीगढ़
- हिमालयन ग्रुप आफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट कालाअंब, सिरमौर
- केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूटशन पंडोगा, ऊना
- केसी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूटशन नवांशहर, पंजाब
- सुखजिंद्र ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट दुनेरा, पंजाब
- एएसएएमएस एजूकेशन ग्रुप नाहन
- एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी शिमला
- कौशल विकास समिति चंबा
- एएसएएमएस शिक्षा समूह फतेहपुर, कांगड़ा
- आईसीएल ग्रुप आफ कॉलेज हरियाणा
- अपेक्स इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, टेक्निकल और पोलटेक्निक इंडस्ट्री
- एसडीएस एजूकेशन ग्र्रुप ऊना
- अरनी यूनिवर्सिटी पालमपुर
- एनआईईएलआईटी केंद्र नूरपुर, कांगड़ा
- देवभूमि ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट चांदपुर, ऊना
- एनआईईएलआईटी केंद्र चंबा
- एनआईईएलआईटी केंद्र ऊना
- बहारा यूनिवर्सिटी वाकनाघाट, सोलन
- एनआईईएलआईटी केंद्र नाहन
- इंडस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऊना
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पंजाब
- शिवा इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी बिलासपुर
- सुखजिंद्र ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट गुरदासपुर, पंजाब
- आईईसी यूनिवर्सिटी बद्दी, सोलन
- दोआबा खालसा ट्रस्ट मोहाली, पंजाब
- स्किल डेवलेपमेंट सोसायटी प्राइवेट आईटीआई, बड़ूखर, कांगड़ा