राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सदन में दिए जवाब से नाराज होकर विपक्ष ने बुधवार को नारेबाजी करते हुए वाकआउट किया। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कहा कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं में 70 फीसदी पूरी नहीं हुई हैं। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया जाता है।
जब बजट घोषणाएं ही पूरी नहीं हुईं तो सरकार की क्या उपलब्धि रही। इसके बाद जैसे ही मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने वर्तमान भाजपा की सरकार से ज्यादा ऋण लिया है तो इस पर नेता प्रतिपक्ष खडे़ होकर विरोध करने लगे और कुछ ही देर बाद विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। सीएम ने बताया कि वर्ष 2012-13 से 2017-18 तक प्रदेश पर कुल 48000 करोड़ का कर्ज था।
कांग्रेस सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में 28707 करोड़ का ऋण लिया, जिसका ऋण ग्रोथ 67 प्रतिशत था। वर्तमान भाजपा सरकार के चार साल के कार्यकाल में प्रदेश सरकार पर 63200 करोड़ रुपये का ऋण है। इस तरह भाजपा सरकार का ऋण ग्रोथ 32 प्रतिशत है। सीएम ने कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि तथ्य गलत हैं, तो साबित करे।
माफिया की संपत्ति अटैच करेगी सरकार, अवैध खनन पर कसेगा शिकंज: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार माफिया की संपत्ति अटैच करेगी। अवैध खनन करने वालों पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी। मुख्यमंत्री बुधवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर कर्मचारियों के मसले सुलझाए जाएंगे। उन्होंने कर्मचारी संगठनों से भी अपील की कि वे राजनेताओं की कठपुतली बनकर आंदोलन न करें। सरकार बातचीत से हर समस्या सुलझाना चाहती है। सरकार ने कर्मचारियों को समय पर लाभ दिए हैं।
सीएम ने कहा कि विपक्ष के सदस्य कांग्रेस सरकार की एक भी योजना गिनाएं, जिसे याद करते हैं। वर्तमान सरकार ने पहले दिन से नई योजनाएं शुरू की थीं। यह मानव कल्याण के साथ गोवंश के संरक्षण के लिए भी चलाई गई हैं। आज प्रदेश में 20 हजार गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। पूर्व सरकार ने पांच साल में 27, 623 करोड़ राजस्व जुटाया था। वर्तमान सरकार ने चार साल में 27,925 करोड़ जुटाए हैं। इस साल 8,200 करोड़ और जुटाए जाएंगे। अवैध खनन करने वालों के लिए दो साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
विधानसभा परिसर में होगी कैबिनेट बैठक
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक वीरवार को विधानसभा परिसर में होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शुक्रवार को पेश होने वाले बजट पर चर्चा होगी।
शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में घपले के आरोप में विपक्ष ने सरकार को घेरा
शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में घपले के आरोप में कांग्रेस के पांच विधायकों विक्रमादित्य सिंह, सुखविंद्र सिंह सुक्खू, जगत सिंह नेगी, संजय अवस्थी और इंद्रदत्त लखनपाल ने बुधवार को सदन में सरकार को जमकर घेरा। इस संबंध में माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी सवाल उठाए। इन विधायकों ने कहा कि शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बहुत ही ऊंची लागत से काम हो रहे हैं।
चाहे डंगों का निर्माण हो या कोई अन्य कार्य हों। इसमें गड़बड़ियां हो रही हैं। एक विधायक ने तो इस संबंध में जांच भी मांगी। सदन में विपक्ष के दिए विषय का नाम बदलने पर भी विधायकों ने आपत्ति की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों पर नहीं, बल्कि घपलों पर चर्चा मांगी गई है।
किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि 20 लाख रुपये का डंगा 40 लाख रुपये में लग रहा है। ठेकेदारों के मजे लगे हुए हैं। एक करोड़ का कम्यूनिटी हाल डेढ़ करोड़ में बन रहा है। रिज का एक डंगे को लगाने में छह माह लग गए। विधानसभा की प्राक्कलन समिति पूरा शिमला घूमकर आई, कोई स्मार्ट चीज नहीं मिली।
उधर, नियम -130 के तहत लाए प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मार्च के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम दिखना शुरू होगा। सारे टेंडर ऑनलाइन लगाए गए। कोई काम नियम तोड़कर नहीं हुआ है। कोई गड़बड़ी पाई गई तो जांच भी होगी और कार्रवाई भी। शिमला शहर में जवाहर लाल नेहरू शहरी विकास मिशन में ठीक से काम नहीं हुआ, उस वक्त नगर निगम शिमला पर राकेश सिंघा का कब्जा था।
मिशन में लापरवाही न होती तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की भी जरूरत नहीं होती। विपक्ष के विधायकों की ओर से रिटेनिंग वॉल पर खर्च के मामले पर सवाल उठाने पर भारद्वाज ने कहा कि सड़कों को चौड़ा करना जरूरी है। भारद्वाज विपक्ष के विधायकों को बोले - मेरा तो छोटा सा फ्लैट है, आपके बड़े भवन है। यह शहर आपका भी है।
कहा कि शिमला और कुल्लू के लिए अम्रुत योजना आई, जिसमें काफी काम हुए। आज भी जो काम हो रहे हैं, वे स्मार्ट सिटी के ही नहीं, अम्रुत मिशन के भी हैं। सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेने का अभियान नहीं छोड़ा। तीसरे राउंड में शिमला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मिला। इसमें बहुत से कार्य शामिल किए गए। परामर्शक को जहां तक पैसा देने का विपक्ष का सवाल है तो इस प्रोजेक्ट में कोई परामर्शक नहीं है। सारे काम सरकार के विभिन्न विभागों को सौंपे गए हैं। केंद्रीय लोक निर्माण को भी 12 काम दिए गए हैं। ऊपरी शिमला को जोड़ने वाली ढली की सुरंग को बनाए 170 साल हो गए हैं।
वहां एक सामानांतर सुरंग बन रही है। एक न्यूक्लियस कार्यालय केवल मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया है। सड़कों के साथ पगडंडियां भी बनाई जा रही हैं। एफसीए की समस्या शहर में जरूर है। रिज के नीचे मलबा बैठ जाता है। आईआईटी रुड़की से भी परामर्श किया गया है। वन विभाग बीच में आ गया। उनको कहा है कि अगर यहां धंस गया तो शिमला शहर के लिए पानी की आपूर्ति करने वाले टैंक को नुकसान हो सकता है। जाखू में एस्केलेटर की मंजूरी आ गई है। कृष्णानगर नाले का चैनलाइजेशन होगा।
धर्मशाला, शिमला स्मार्ट सिटी के एक कमांड सेंटर बनाने पर होगा विचार
धर्मशाला और शिमला स्मार्ट सिटी के एक कमांड सेंटर के मामले पर भारद्वाज बोले कि इस सुझाव पर गौर करने को कहा जाएगा। वैसे सचिवालय में शिमला स्मार्ट सिटी का कमांड सेंटर होगा, धर्मशाला में अलग से भवन बनाया जा रहा है। ज्यादातर परिसंपत्तियां बाद में नगर निगम के नियंत्रण में आ जाएगा।
यूक्रेन के खारकीव से विद्यार्थियों को निकालने में हो रही मुश्किल
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से खारकीव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस क्षेत्र में हिमाचल के भी विद्यार्थी फंसे हैं। इन्हें निकालने में कठिनाइयां आ रही हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव में हिमाचल का कोई भी विद्यार्थी नहीं है। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के जवाब के दौरान दी। उन्होंने कहा कि अब तक 108 लोगों को सुरक्षित हिमाचल पहुंचाया गया है। विद्यार्थियों और उनके परिजनों से भी बात हुई है। सभी विद्यार्थी सुरक्षित अपने घर पहुंच रहे हैं।
हिमाचल सरकार इस मामले पर लगातार केंद्र सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए है। मुख्यसचिव स्वयं इस मामले में लगातार अधिकारियों से बात कर रहे हैं। हिमाचल में प्रतिदिन पांच से 10 लोग अपने घर पहुंच रहे हैं। सरकार की पूरी कोशिश है कि यूक्रेन से सभी छात्र सुरक्षित होकर हिमाचल आएंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात हुई है। केंद्र सरकार की ओर से चार मंत्रियों को विद्यार्थियों को निकालने में लगाया गया है। इसके लिए प्रदेश सरकार केंद्र की आभारी है।
अवैध पटाखा फैक्टरी का मुख्य आरोपी रोहित मुंबई से गिरफ्तार
ऊना जिले में हरोली उपमंडल के बाथू में चल रही अवैध पटाखा फैक्टरी में 22 फरवरी को आग लगने से हुई 11 मौतों के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फैक्टरी के संचालक मुख्य आरोपी रोहित सूरी को मुंबई से गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक चार लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वीरवार को मुख्य आरोपी को हिमाचल प्रदेश लाया जाएगा, इसके बाद उसे कोर्ट में पेश करेंगे। सूत्रों के अनुसार सूरी नंगल का रहने वाला है।
फैक्टरी में विस्फोट के बाद वह मुंबई भाग गया था, जहां वह अपने दोस्त के पास रह रहा था। एसआईटी को इसकी भनक लगी थी, जिसके चलते दो-तीन दिन से एसआईटी मुंबई में ही डटी थी। अब तक इस मामले में फैक्टरी का मैनेजर, दो लेबर ठेकेदार और अब चौथी गिरफ्तारी फैक्टरी के संचालक नंगल निवासी रोहित सूरी की हुई है। सीएम जयराम ठाकुर ने भी विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के बाद पटाखा फैक्टरी के संचालक एवं मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने की जानकारी दी।
बच्चों की तरह व्यवहार कर रहा है विपक्ष: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि किसानों के लिए प्रदेश में सात मंडियां खोली गई हैं। पर्यटन, नए रोपवे बन रहे हैं। साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पहले दो ऑक्सीजन प्लांट थे और आज 48 प्लांट हैं। पहले 30 वेंटिलेटर थे। अब ये 1014 हैं। 17 हजार ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। प्रदेश में 242 जनमंच आयोजित किए और कुल 48 हजार से अधिक शिकायतों को सुलझाया गया।
सीएम गृहिणी योजना से 3.25 लाख कनेक्शन दिए हैं। बेरोजगारी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना शुरू कर दूसरे लोगों को भी काम मिला है। सीएम बोले कि विपक्ष का आरोप गलत है कि राज्यपाल का अभिभाषण झूठ का पु्लिंदा है। सरकार ने सत्ता में आने के बाद से बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की है। जैसे पहले हुआ करती थी।
विपक्ष बच्चों की तरह व्यवहार कर रहा है और उनकी बात नहीं मानी जाए, वह रोने के बाद सड़क में भी लोटने लगता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी आंदोलन न कर सीधा सरकार से मसले उठाएं। इससे पहले विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह राज्यपाल के अभिभाषण का समर्थन नहीं कर सकते, क्योंकि इसमें कुछ नहीं है। जनजातीय क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि सिर्फ माफिया का विकास हुआ है।
माकपा विधायक ने नाराजगी जताई
चर्चा में हिस्सा लेने की अनुमति माकपा विधायक राकेश सिघा को नहीं दी जा रही थी तो उन्होंने अध्यक्ष विपिन परमार से नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने भी अपना नाम बोलने वालों की सूची में दिया था। इसके बाद अध्यक्ष ने उन्हें बोलने की अनुमति दी। सिंघा ने कहा कि अभिभाषण में कुछ पढ़ा गया और पिछले बजट में कुछ और लिखा था। लगता है अभिभाषण भी आउटसोर्स में छापा है।