हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (टेक्यूप-3) परियोजना की एटीयू (एफिलेटिंग टेक्निकल यूनिवर्सिटी) में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे स्थान पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विवि और तीसरे स्थान पर तकनीकी विवि छत्तीसगढ़ रहा है। विश्व बैंक द्वारा संचालित इस परियोजना को लागू करने में तकनीकी विवि हमीरपुर ने असम, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के तकनीकी विश्वविद्यालयों को टक्कर देकर पहला स्थान हासिल किया है।
कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में कहा कि वर्ष 2017 में विश्व बैंक द्वारा संचालित तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता एवं सुधार कार्यक्रम परियोजना के तहत तकनीकी विवि को एटीयू के 1.2 क्रम में शामिल किया था। इसका परफॉर्मेंस ऑडिट मार्च माह में विश्व बैंक द्वारा नियुक्त स्वतंत्र अंकेक्षक से कराया गया। इसमें निर्धारित 66 मापदंडों में से तकनीकी विवि ने 53 में सर्वश्रेष्ठ रैंक, 12 में दूसरा और सिर्फ एक मापदंड में तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि ओवरआल रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है।
भारत में राष्ट्रीय परियोजना कार्यान्वयन इकाई (एनपीआईयू) की देखरेख में तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम चलाया गया था। इसके तहत लगभग 16 करोड़ रुपये का बजट तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता और सुधार लाने के लिए मिला था। तकनीकी विवि ने प्रदेश के संबंधित शिक्षण संस्थानों में अनेक शैक्षणिक गतिविधियों को आयोजन किया। इसके अलावा डाटा सेंटर, वेब स्टूडियो, ई-लाइब्रेरी और ईआरपी को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
तकनीकी विवि आने वाले समय में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लर्निंग मशीन, डाटा कंप्यूटिंग और कौशल व व्यावसायिक के कोर्सां को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करेगा। राज्यपाल एवं कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने कुलपति व परियोजना से जुड़ी पूरी टीम को बधाई दी है। एक सवाल के जवाब में कुलपति ने कहा कि इस बार विद्यार्थियों को प्रमोट नहीं किया जाएगा, बल्कि वार्षिक परीक्षाओं के आधार पर ही परीक्षा परिणाम तैयार होगा।
ये हैं विवि की उपलब्धियां
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन किया।
सभी विषयों के पाठ्यक्रम को द्विभाषी कर 20 फीसदी पढ़ाई को ऑनलाइन किया।
एक विद्यार्थी-एक पौधा और सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अनुसार शामिल करने की पहल की।