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हिमाचल के सीआरपीएफ जवान की असम में गोली लगने से मौत

Thu, 05 Dec 2019 02:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)बरठीं (बिलासपुर)
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल के सिरमौर जिले के पांवटा उपमंडल की ग्राम पंचायत कुंडियों निवासी सीआरपीएफ जवान की गोली लगने से मौत हो गई है। जवान असम के डोबरी क्षेत्र में डयूटी पर तैनात था। परिजनों को गुरुवार सुबह घटना की सूचना मिली है। शुक्रवार को दोपहर तक पार्थिव देह पांवटा के कुंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। जवान को गोली लगने बारे पूरी स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भी कोई सूचना नहीं मिली है।

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ग्राम पंचायत कुंडियों के प्रधान श्रवण सिंह ने बताया कि सुबह टोका नागला में परिजनों को ऐसी सूचना मिली कि कुंडियों पंचायत के ग्राम टोका नगला गांव के निवासी सीआरपीएफ जवान अजमल खान (42) की गोली लगने से मौत हो गई। पंचायत प्रधान ने कहा कि जवान को चार गोलियां लगने की सूचना है। लेकिन, गोलियां कैसे लगी यह स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुक्रवार दोपहर तक शव टोका नागला पहुंचने की उम्मीद है।

परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि सीआरपीएफ जवान अजमल खान आजकल असम के डोबरी में डयूटी पर तैनात थे। वहीं, दिवंगत जवान के भाई शमशाद अली काश्मी ने बताया कि बीती रात ही अजमल ने अपने बेटे से मोबाइल पर बातचीत की थी। वे करीब एक माह पहले ही अवकाश से वापस ड्यूटी पर लौटे थे। अजमल खान अपने पीछे पत्नी, एक बेटा व एक बेटी छोड़ गए। शुक्रवार तक शव पहुंचने की उम्मीद है। उधर, एसडीएम पांवटा साहिब लायक राम वर्मा ने बताया कि प्रशासन को सीआरपीएफ जवान के बारे में इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है। 

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पैतृक गांव संडियार  पहुंचेगी महेंद्र की पार्थिव देह

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के कडेनार कैंप से छत पंचायत के गांव संडियार के महेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर छह दिसंबर को सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। महेंद्र सिंह को उसके ही साथी की ओर से की गई फायरिंग से गोली लगी थी। इससे बुधवार को उनकी मौत हो गई थी। महेंद्र सिंह के घर में दो दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दो दिन से परिजनों के घर में चूल्हा नहीं जला है। परिवारजन अपने लाडले को अंतिम बार देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौत की खबर सुनते ही मां और पत्नी बेसुध हालत में हैं।

घर के अन्य सभी सदस्य भी गमगीन हैैं। पंचायत प्रधान उषा ठाकुर ने बताया कि वह उनका छात्र रहा है। बहुत अच्छा खिलाड़ी भी रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार जनों को ढांढस बंधाने वालों का घर पर तांता लगा हुआ है। बताया कि अधिकारिक पुष्टि के अनुसार शुक्रवार सुबह महेंद्र का पार्थिव शरीर घर पहुंचने की संभावना है। गौरतलब है कि छुट्टी को लेकर हुए इस विवाद में आईटीबीपी के छह जवानों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इनमें प्रदेश का महेंद्र सिंह भी शामिल है। परिजनों को ढांढस बंधवाने के लिए महेंद्र सिंह के घर लोगों का तांता लगा हुआ है। 
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