छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के कडेनार कैंप से छत पंचायत के गांव संडियार के महेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर छह दिसंबर को सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। महेंद्र सिंह को उसके ही साथी की ओर से की गई फायरिंग से गोली लगी थी। इससे बुधवार को उनकी मौत हो गई थी। महेंद्र सिंह के घर में दो दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दो दिन से परिजनों के घर में चूल्हा नहीं जला है। परिवारजन अपने लाडले को अंतिम बार देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौत की खबर सुनते ही मां और पत्नी बेसुध हालत में हैं।
घर के अन्य सभी सदस्य भी गमगीन हैैं। पंचायत प्रधान उषा ठाकुर ने बताया कि वह उनका छात्र रहा है। बहुत अच्छा खिलाड़ी भी रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार जनों को ढांढस बंधाने वालों का घर पर तांता लगा हुआ है। बताया कि अधिकारिक पुष्टि के अनुसार शुक्रवार सुबह महेंद्र का पार्थिव शरीर घर पहुंचने की संभावना है। गौरतलब है कि छुट्टी को लेकर हुए इस विवाद में आईटीबीपी के छह जवानों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इनमें प्रदेश का महेंद्र सिंह भी शामिल है। परिजनों को ढांढस बंधवाने के लिए महेंद्र सिंह के घर लोगों का तांता लगा हुआ है।