हिमाचल प्रदेश गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ का फैडरल हाउस चंबा में हुआ। इसकी अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने की। फैडरल हाउस में करीब 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने अनुबंध पर तैनात कर्मचारियों को पांच की बजाय 3 वर्ष में नियमित करने का सराहनीय निर्णय लिया है।
इसके लिए गैर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि गैर शिक्षक कर्मचारियों को अधीक्षक ग्रेड-दो पद पर करीब 14 वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई है। महासंघ ने कई बार मांग उठाई है कि राजकीय महाविद्यालय में रूसा प्रणाली लागू होने से अधीक्षक ग्रेड-एक के पद सृजित किए जाएं, ताकि ग्रेड-एक पर कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिले।
राजकीय महाविद्यालयों में ग्रेड-दो के पदों को यदि सरकार ग्रेड-एक के पद पर स्तरोन्नत करती है तो उस स्थिति में सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। कहा कि 4-9-14 में वेतन विसंगति तथा अनुबंध से नियमित होने पर दो वर्ष बाद जो ग्रेड पे का राइडर लगाया गया है, उसे हटाया जाए। शेष बचे दैनिक भोगी कर्मचारियों को शीघ्र नियमित किया जाए।
कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद आलाधिकारी गैर शिक्षक संघ के ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस दौरान अश्वनी चौहान, मनीष गुलेरिया, विनोद चौहान, सुरेंद्र मोहन कंवर, नरेंद्र ठाकुर, नागेंद्र कपूर, अजय जरयाल, हरीश शर्मा, वरुण पाठक, सुरेश कुमार, टिकम नेगी, राहुल कंवर, भूपेंद्र शर्मा, नरेश बत्रा, सतीश ठाकुर, दिनेश कठानिया, ईश्वर दास, संजय और अजय मौजूद रहे।