उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान।
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उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री ठाकुर हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए सत्ता में आई है। सरकार-दर-सरकार पहले चली आ रही व्यवस्था से सुक्खू सरकार नहीं चलेगी। व्यवस्था में परिवर्तन लाकर सरकार भ्रष्टाचार को खत्म कर पारदर्शिता को लाएगी। जहां-जहां भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हैं, उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हर्षवर्धन चौहान कैबिनेट मंत्री बनने के बाद रविवार को पहली बार अपने गृह जिला सिरमौर पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस नाहन में मीडिया से बातचीत में प्रदेश की सुक्खू सरकार की ओर से एक महीने में ही उठाए गए कदमों को ऐतिहासिक करार दिया। कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ था, जहां पर पेपर बिकते थे। मुख्यमंत्री के समक्ष जब यह मामला लाया गया, तो तुरंत पेपर बेचने वाले कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
साथ ही आयोग को भी भंग कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने का पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित भाजपा नेता विरोध कर रहे हैं। जबकि भाजपा को कांग्रेस सरकार के इस फैसले की सराहना करनी चाहिए थी। पूर्व भाजपा सरकार भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह से नाकामयाब रही।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश में एक कंगाल सरकार मिली है। सरकारी खजाना खाली है। पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपये का कर्जा छोड़कर गई है। इसके अलावा 11 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां कर्मचारियों और पेंशनरों की भी है। ऐसे में वर्तमान प्रदेश सरकार की डगर और राह आसान नहीं है, लेकिन फिर भी प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार को चुनकर जो विश्वास जताया हैं, उस पर सरकार खरा उतरेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदे के मुताबिक पहली ही कैबिनेट में ओपीएस को बहाल कर 1 लाख 35 हजार कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। इसी तरह कांग्रेस की 10 गारंटियों को भी क्रमबद्ध तरीके से सुक्खू सरकार पूरा करेगी।