देवभूमि हिमाचल प्रदेश में अब दुकानों पर खुली सिगरेट-बीड़ी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ऐसा करने पर बिक्रेता को अधिकतम 15 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अब बिना लाइसेंस बीड़ी-सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद भी नहीं बेचे जा सकेंगे।
बिना पंजीकरण तंबाकू उत्पाद बेचने पर एक साल की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यही नहीं पंजीकरण का प्रमाणपत्र अब दुकानों पर दर्शाना होगा। एएसआई और इसके ऊपरी स्तर के अधिकारियों को संदिग्ध दुकानों में सर्च रेड करने की शक्तियां मिलेंगी।
शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने विधानसभा के पटल पर हिमाचल प्रदेश में खुली सिगरेट के विक्रय का प्रतिषेध और सिगरेटों व अन्य उत्पादों के खुदरा कारोबार का विनियमन विधेयक 2016 को पेश किया। इसमें कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस विधेयक को शनिवार को पारित किया जाएगा।
पंजीकरण के बाद बेच सकेंगे सिगरेट
हिमाचल सरकार ने सिंगल सिगरेट बिक्री पर प्रतिबंध इससे पहले तंबाकू पर बने केंद्रीय कानून कोटपा के तहत लगाया था। अब राज्य सरकार इस संबंध में अपना कानून बनाकर अधिक कड़े प्रावधान करने जा रही है। नए विधेयक में यह व्यवस्था की गई है कि कोई भी व्यक्ति हिमाचल प्रदेश की परिधि के भीतर खुली सिगरेट या बीड़ी का विक्रय नहीं कर सकेगा।
तंबाकू उत्पादों की खुदरा बिक्री भी नए कानून की धारा 5 में दिए गए प्रावधानों के तहत अधिकृत अथॉरिटी के समक्ष पंजीकरण के बाद ही की जा सकेगी। पंजीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा और अधिकारी को आवेदन के छह माह की अवधि के भीतर प्रमाणपत्र देना होगा।
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र तीन साल की अवधि के लिए दिया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद अधिनियम लागू होता है तो इसके नियम बनाए जाएंगे। कितनी फीस देनी है, इसके नियम भी तय किए जाएंगे। प्रक्रिया पूरी करने पर आवेदन रद्द करने का भी प्रावधान किया जाए
किस जुर्म में होगी कितनी सजा
कानून तोड़ने पर बीड़ी-सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने पर अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। इसके मुताबिक अगर बिना लाइसेंस लिए यानी बिना पंजीकरण किए कोई खुदरा व्यापारी अगर बिक्री करता है तो उसे दोषी पाए जाने पर तीन माह की अवधि तक की कैद या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
इसी तरह से दूसरी या इससे अधिक बार अगर इस कानून की उल्लंघन करता है तो उसे एक साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। खुली सिगरेट-बीड़ी बेचने का अपराध साबित होने पर प्रथम अपराध पर दस हजार रुपये का जुर्माना और फिर पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा होगी।