विद्यार्थियों पर शैक्षणिक दबाव घटेगा
नई नीति से विद्यार्थियों पर शैक्षणिक दबाव घटेगा और पढ़ाई में सुधार का अवसर मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत शिक्षा बोर्ड वर्ष में दो बार परीक्षा लेगा। पहली परीक्षा मार्च में, जबकि सुधार परीक्षा जून-जुलाई में होगी। जो विद्यार्थी मार्च की मुख्य परीक्षा में असफल होंगे, उन्हें जून-जुलाई में दूसरा मौका मिलेगा। इससे उनका पूरा साल बर्बाद नहीं होगा।
नई नीति में फेल और कंपार्टमेंट जैसे शब्द खत्म होंगे
नई नीति में फेल और कंपार्टमेंट जैसे शब्द खत्म हो जाएंगे। पॉलिसी पहले चरण में 10वीं कक्षा के लिए लागू होगी। शिक्षा विभाग अब इसे 12वीं कक्षा में लागू करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इंप्रूवमेंट पॉलिसी को सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।