हिमाचल सरकार ने एक बार फिर युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खोला है। मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में करीब 375 पद भरने को मंजूरी दी गई है। वन विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के 100 पद और उच्च शिक्षा विभाग में भी जूनियर आफिस असिस्टेंट के 100 पद भरने को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने वन विभाग में मल्टीपर्पज वर्कर के 50 पदों के कैडर को बढ़ाकर 158 करने की भी स्वीकृति दी। आईजीएमसी शिमला में जूनियर आफिस असिस्टेंट के 30 पद, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में इसी वर्ग के 20 पद भरने को हरी झंडी दी है।
इन विभागों में भी होगी भर्ती
श्रम विभाग में जिला रोजगार अधिकारी के तीन पद, बड़ोग और कंडाघाट के स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी में जूनियर ड्राफ्टमैन के दो पद, एडवोकेट जनरल शिमला कार्यालय में एक जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर और दो जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी), युवा सेवा एवं खेल विभाग में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद, हिपा में डिप्टी डायरेक्टर ट्रेजरी के पद के सृजन और भरने की मंजूरी दी है।
उद्योग विभाग के सेरीकल्चर विंग में रीलिंग डिमांस्ट्रेटर का एक पद, रीजनल अस्पताल सोलन में जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी) का एक पद, हमीरपुर के पीएचसी धनेड़ में विभिन्न श्रेणी के पद, सिविल अस्पताल सुन्नी में जूनियर आफिस असिस्टेंट(आईटी) के एक पद को सृजित कर कांट्रेक्ट आधार पर भरने को मंजूरी प्रदान की है। रीजनल अस्पताल हमीरपुर में आरकेएस से डायलिसिस टेक्नीशियन की भर्ती की जाएगी।
17 साल से कार्यरत जलवाहक होंगे नियमित
मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा विभाग में साल 1996 की नीति के तहत 17 सालों से लगातार कार्यरत दैनिक भोगी अंशकालीन जलवाहकों और दिहाड़ी पर तैनात सेवादारों को नियमित करने का फैसला लिया है।
इन हजारों कर्मचारियों को 31 मार्च और 30 सितंबर को नियमित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन कर्मचारियों को नियमितीकरण के बाद अन्य जिलों में रिक्त या सरप्लस पदों पर तैनाती एवं समायोजन का विकल्प प्रदान किया जाएगा।
आधी फीस पर मौजूदा स्वरूप में नियमित होंगे अवैध भवन
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने में कई रियायतें दी हैं। पहले की अपेक्षा अब भवन मालिक आधी फीस देकर अपने अवैध कब्जे नियमित करा सकेंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में टीसीपी एक्ट में संशोधन के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई।
सरकार अब ड्राफ्ट को विधानसभा में लाएगी। संशोधित टीसीपी एक्ट के ड्राफ्ट में सबसे ज्यादा फायदा मर्ज एरिया के भवन मालिकों को होगा। यहां बिना शुल्क भवन नियमित होंगे। सरकार का मानना है कि मर्ज करने से पहले ही इन एरिया में भवन निर्माण हो चुका था। नगर निगम में शामिल होने के बाद अगर किसी ने अवैध निर्माण किया है उन्हें फीस चुकानी पड़ेगी।
प्रति वर्ग मीटर इतनी लगेगी फीस
हिमाचल में अवैध भवन यथास्थिति में ही नियमित होंगे। नगर निगम और नगर निकाय में जिन लोगों ने नक्शा पास करने के बाद अवैध निर्माण किया है, उन लोगों के भवन 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क के साथ नियमित होंगे।
टीसीपी एरिया में यह शुल्क 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से लिया जाएगा। जिन लोगों ने नगर निगम व नगर निकाय में बिना नक्शे के भवन का निर्माण किया है उन्हें 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर जबकि टीसीपी एरिया में 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से भवन नियमित की फीस वसूली जाएगी।
अधिसूचना के बाद दो माह तक का समय
टीसीपी एक्ट की अधिसूचना जारी होने के बाद अवैध भवन मालिकों को दो महीने के भीतर आवेदन करना होगा। हिमाचल में 30 हजार के करीब अवैध भवन मालिक हैं। इसमें अधिकांश लोगों ने सेटबैक नहीं छोड़े हैं।
जिन लोगों ने पार्किगिं की जगह भी निर्माण कर लिया है उन्हें मलकीयत जमीन में वैकल्पिक पार्किगिं दिखानी होगी। ऐसा न होने पर अवैध भवन मालिक के नक्शे पास नहीं होंगे। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
पहले फायदा ले चुके भवन मालिकों को फिर राहत
प्रदेश सरकार ने उन भवन मालिकों को भी राहत दी है, जिन्होंने पहले पॉलिसी का फायदा लेकर अपने भवन नियमित कराए थे। अगर इन भवन मालिकों ने फिर से कब्जा किया है, वह भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए शपथ पत्र देना होगा कि उन्होंने लोनिवि या एनएच पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया है।
हिमाचल में घटेगी बिजली की दरें
बिजली वितरण कंपनियों के वित्तीय सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उदय (उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस) योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्रदेश बिजली बोर्ड के बीच त्रिपक्षीय एमओयू करने का फैसला लिया गया।
इस योजना के लागू होने से बिजली दरों में कमी होगी। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड की ब्याज व वित्तीय लागत में वार्षिक 68 करोड़ रुपये की कमी आएगी। वित्तीय अनुशासन के परिणामस्वरूप बिजली बोर्ड में 400 करोड़ से अधिक वार्षिक सैद्धांतिक राशि की अदायगी में सहायता मिलेगी।
बिजली बोर्ड को घाटे से उबारा जाएगा
उदय योजना के तहत घाटे में चल रहे हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड को घाटे से उबारने का काम किया जाएगा। उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देकर राजस्व प्राप्त किया जाएगा। बोर्ड को वित्तीय तौर पर सशक्त किया जाएगा। हिमाचल बिजली बोर्ड वर्तमान में दो हजार करोड़ के घाटे में चल रहा है।
योजना के तहत बोर्ड का 75 प्रतिशत खर्च केंद्र और राज्य सरकार उठाएगी। बोर्ड के बांड जारी कर उसे लोन दिया जाएगा। इसके अलावा लाइन लॉस और चोरी को भी रोका जाएगा। बोर्ड में वित्तीय अनुशासन लाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। उदय योजना केंद्र सरकार की सभी लोगों के लिए 24 घंटे किफायती और सुविधाजनक बिजली सुनिश्चित करने के सपने को साकार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
मंडी शहर में पार्किंग, व्यवसायिक परिसर निर्माण हुआ आसान
मंत्रिमंडल ने मंडी जिला में मोहाल तारना और जेल रोड़ स्थल में सरकारी व अर्ध सरकारी क्षेत्र में पार्किंग एवं व्यावसायिक परिसर के लिए भूमि उपयोग और सैटबैक में छूट देने का फैसला लिया है। इसके अलावा भवनों की ऊंचाई व नियमों में बदलाव की मंजूरी का निर्णय भी लिया गया।
इसी प्रकार मंडी योजना क्षेत्र के मोहाल चडियारा में कृषि उपयोग भूमि को सेवाएं एवं आवासीय उपयोग के लिए सुविधा पहुंचाने, अग्निशमन केंद्र में आवासीय खंड का निर्माण व बचाव टावर स्थापित करने के लिए भूमि उपयोग में बदलाव को मंजूरी दी गई। लोक निर्माण विभाग में नाबार्ड व केंद्रीय सड़क निधि के तहत हो रहे कार्य के निरीक्षण के लिए 10 गुणवत्ता अनुश्रवणकों को शामिल करने की मंजूरी भी दी गई।
नादौन में बनेगा मिनी सचिवालय
नादौन में तहसील कार्यालय परिसर को गिराने का निर्णय लिया गया। यहां मिनी सचिवालय के निर्माण का कार्य किया जाएगा। घुमारवीं में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अतिरिक्त आवासीय सुविधा प्रदान करने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के देहरा में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अतिरिक्त आवासीय विस्तार को भी मंजूरी प्रदान की।
भारत सरकार के गृह मामले विभाग के गुप्तचर ब्यूरो के लिए कांगड़ा जिला के नूरपुर के मोहाल लगोर में भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने राजधानी शिमला के कृष्णानगर वार्ड में राजीव आवास योजना के तहत भवनों के निर्माण को भी हरी झंडी दी। मंत्रिमंडल ने सुंदरनगर योजना क्षेत्र में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की है।
पीपीपी मोड पर देंगे पांच पर्यटन स्थल
मंत्रिमंडल ने मंडी जिला की जठिंगरी, कुल्लू जिला के बंजार के सोहजा, सिरमौर के सुकेती, सोलन जिला के बद्दी और बिलासपुर के पर्यटन स्थलों को सार्वजनिक क्षेत्र में सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) पर पट्टेे पर देने का निर्णय लिया। फैसला लिया गया कि
पीपीपी मोड पर लंबे समय के लिए स्थलों को पट्टे पर देने के लिए पूर्व में स्वीकृत नियम एवं शर्तों के आधार पर नई निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। मामला व्यावहारिक औपचारिकताओं पर कार्य करने के लिए प्रदेश अधोसंरचना विकास बोर्ड को सौंपा जाएगा।
फिल्म निर्माण का देंगे वित्तीय सहायता
राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिये मंत्रिमंडल ने राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिये वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया। इससे प्रदेश की कला एवं शिल्प, इतिहास, संस्कृति, पुरातत्व, भाषा, साहित्य, खान-पान, समकालीन कला, पारंपरिक एवं जनजातीय लोक संगीत, नृत्य, नाटक, उपन्यास, पर्यटन, पर्यावरण एवं सामाजिक मुद्दों को प्रोत्साहित एवं प्रचारित किया जा सकेगा।
आंगनबाड़ी वर्करों की नियुक्ति को बनेगी नीति
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में मानदेय आधार पर अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पोषण परामर्शक की नियुक्ति और चयन के लिए दिशा निर्देश तैयार करने का निर्णय लिया गया।
सिगरेट की फुटकर बिक्री पर सख्ती को बिल लाएगी सरकार
प्रदेश में तंबाकू उत्पादों की फुटकर बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए अब सरकार विधानसभा में बिल लाएगी। शुक्रवार को कैबिनेट ने बिल को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करने की मंजूरी दे दी है। बिल विधानसभा में पेश होने के बाद प्रदेश के हर तंबाकू उत्पाद विक्रेता कानूनी नियंत्रण किया जा सकेगा।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो बिल में तंबाकू उत्पादों की फुटकर बिक्री के अलावा सिगरेट, बीड़ी की लूज बिक्री पर नियंत्रण के लिए प्रावधान होंगे। साथ ही दुकानदारों पर कार्रवाई के प्रावधान भी शामिल होंगे। साथ ही सिगरेट, बीड़ी समेत अन्य तंबाकू उत्पादों के व्यापार पर भी नियंत्रण करने में भी आसानी होगी।
वहीं, होमगार्ड जवानों के वेलफेयर के लिए नई होमगार्ड वेलफेयर रूल्स 2016 बनाने का भी निर्णय लिया गया। पुरानी नियमावली के तहत जवानों से ढाई रुपये बतौर वेलफेयर लिया जाता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 120 रुपये प्रति जवान कर दिया जाएगा। इस फंड का इस्तेमाल जवानों की मृत्यु, घायल होने पर उनके परिवारों के वेलफेयर व जवानों की सुख सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश के म्यूनिसिपल कारपोरेशन के लिए बने हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट 1994 में बदलाव के लिए आने वाले मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश म्यूनिसिपल एमेंडमेंट बिल 2016 ले जाने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसके तहत कई तरह के जुर्मानों की दर बढ़ाने, सड़क पर घूमने वाले कुत्तों की नसबंदी के लिए भी प्रावधान किए जाएंगे।
साथ ही सरकार द्वारा मनोनीत पार्षदों व सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच तक करने के बदलाव भी शामिल होंगे। वहीं, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (बिजनस एवं प्रासिजर) नियम 2004 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा शहरी रेहड़ी फडी वालों के अधिकारों के संरक्षण और स्ट्रीट वैंडिंग गतिविधियों के संचालन लिए रेहड़ी फड़ी वालों (आजीविका संरक्षण एवं रेहड़ी.फड़ी) अधिनियम 2014 के तहत नियम बनाने को स्वीकृति प्रदान करने का भी फैसला लिया गया।
कैबिनेट की बैठक में मंत्री और अफसर के तीखी नोकझोंक
मंत्रीमंडल की बैठक में एक मंत्री और अफसर के बीच तीखी नोक झोंक हो गई। एजेंडे में शामिल जनहित के मामले में मंत्री ने अफसर को स्थिति स्पष्ट करने को कहा। अफसर के जवाब से असंतुष्ट मंत्री कैबिनेट की बैठक में उन पर भड़क गए। अफसर ने भी मंत्री को जवाब देने में कई कमी नहीं रखी।
करीब 10 मिनट तक दोनों के बीच तीखी बहस होती रही। ऐेस में मुख्य सचिव वीसी फारका ने मामले में हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया। मुख्य सचिव वीसी फारका ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वह डायरेक्ट फाइल उनके पास भेजे। ऐसे में मामला शांत हो गया।
साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड परिवारों को मिलेगा सरसों तेल
प्रदेश के साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड परिवारों को बीते तीन महीने का एक साथ सरसों तेल मिलेगा। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में तेल के टेंडर को मंजूरी प्रदान की है। हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को जून, जुलाई और अगस्त महीने सरसों तेल का कोटा नहीं मिला था। टेंडर में देरी होने के चलते डिपुओं में इसकी सप्लाई नहीं हो सकी।
गौरतलब है कि सरसों तेल के टेंडर में पांच कंपनियों ने भाग लिया था। उक्त कंपनी का रेट सबसे कम करीब 99.39 प्रति लीटर आया था। अब इस प्रदेश सरकार सब्सिडी देकर लोगों के तेल उपलब्ध कराएगी। सूत्र बताते है कि प्रति लीटर तेल में 9 से 10 रुपये तक की सब्सिडी रहेगी। उपभोक्ताओं को यह तेल करीब 89 रुपये के हिसाब से मिल सकता है।
रेहड़ी-फड़ी वालों को बसाएगी सरकार
प्रदेश सरकार रेहड़ी-फड़ी वालों को शहरों में आजीविका कमाने के लिए जगह उपलब्ध कराएगी। कैबिनेट बैठक में आजीविका संरक्षण एवं रेहड़ी फड़ी अधिनियम-2014 के नियम बनाने को स्वीकृति प्रदान की है। सूबे में 10 हजार रेहड़ी फड़ी धारक हैं। यह लोग सड़क के किनारे व बाजार में फड़ी लगाकर आजीविका कमा रहे हैं। इन लोगों के लिए सरकार शहर में ही जगह उपलब्ध कराकर दुकानें बनाएगी।