सोलन में कंटेनमेंट जोन में कोई बदलाव नहीं होगा। जिले में बीबीएनडीए के तहत नालागढ़ व बद्दी शहरी क्षेत्रों के अलावा 41 पंचायतों कालूझिंडा, मंधाला, सूरजपुर, बरोटीवाला, भटौलीकलां, गुल्लरवाला, लेही, संडौली, मलपुर, थाना, किशनपुरा, ढेला, लोधीमाजरा, नंदपुर, मानपुरा, सनेड़, खेड़ा, किरपालपुर, राजपुरा, मंझौली, प्लासीकलां, ढांग निहली, माजरा, रड़ियाली, भाटियां, गोलजमाला, भोगपुर, नवांग्राम, पंजैहरा, बगलैहड़, जगतपुर, जोघों, कश्मीरपुर, बरूणा, करसौली, बैरछा, मस्तानपुरा, घोलोंवाल, खिल्लियां, बघेरी और दभोटा शामिल है।
सिरमौर जिले में लोहगढ़ और मिश्रवाला के लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन की श्रेणी में रखा गया है। हरिपुरखोल, पल्होड़ी, माजरा, पुरूवाला, तारूवाला, पिपलीवाला आदि इलाके बफर जोन में रखे गए हैं। सिरमौर जिले की 228 पंचायतों में से 178 पंचायतों में मनरेगा के सभी तरह के कार्य 21 अप्रैल से शुरू किए जा सकते हैं।
नदियों में मछली पकड़ने की दी छूट गई है। 450 उद्योगों में से दवाइयों व अन्य जरूरी वस्तुओं के लगभग 175 उद्योग चल रहे हैं। पांवटा व नाहन वन मंडल के 20 वनरक्षक मिश्रवाला, लोहगढ़ व तारुवाला के हॉटस्पॉट क्षेत्रों, नाकों व क्वारंटीन केन्द्रों में मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रहे हैं।