यहां सरकार इस बात की जांच में व्यस्त रहती है कि मुख्यमंत्री का समोसा किसने खाया या जंगली मुर्गा खाने की खबर किसने लीक की, जबकि प्रदेश में हो रहे भीषण बस हादसों, शिमला व नालागढ़ में हुए धमाकों और सरकारी कर्मचारियों पर हो रहे माफियाओं के हमलों पर सरकार मौन साधे बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का ध्यान केवल अपने मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटने और परिवार के सदस्यों को नौकरी व पेंशन के लाभ पहुंचाने तक सीमित है। वह प्रदेश सरकार की कार्यशैली का मूल्यांकन करने पर 10 में से जीरो नंबर देंगे। भाजपा का विपक्ष के नाते यह दायित्व है कि वह जनहित के विरुद्ध होने वाले हर कार्य का विरोध करे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही वर्तमान सरकार के हर गलत फैसले की बारीकी से समीक्षा करेंगी।