हिमाचल प्रदेश की ट्रैफिक पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश पुलिस एक दर्जन से ज्यादा लेजर स्पीड रडार के अलावा करीब सौ एल्को सेंसर जैसे कई आधुनिक उपकरणों की खरीद करने की तैयारी में है। इन उपकरणों के जरिये न सिर्फ तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसी जा सकेगी, बल्कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की पड़ताल और निगरानी भी हो सकेगी।
हादसों में लोगों के खून से लाल हो रही सड़कों को सफर के लिए सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश पुलिस तय वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए 15 लेजर स्पीड रडार खरीदेगी। इसके अलावा 95 एल्को सेंसर भी खरीदे जा रहे हैं जिनकी मदद से पुलिस कर्मी वाहन चलाने वाले के शराब पीने की तकनीकी रूप से पुष्टि कर सकेंगे।
इसके अलावा 69 सीसीटीवी भी खरीदे जा रहे हैं, ताकि आने जाने वाले वाहनों पर तीसरी आंख के जरिये निगरानी रखी जा सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार ये सीसीटीवी कैमरे ऐसे होंगे, जिन्हें पुलिसकर्मी शरीर पर ही पहन सकेंगे और नियम तोड़ने वाले वाहन की वीडियो या फोटो मौके पर ही खींचकर साक्ष्य के रूप में कोर्ट को चालान के साथ भेज सकेंगे।
इसके अलावा सीसीटीवी और रडार को सपोर्ट करने वाले मॉनीटर, यूपीएस जैसे अन्य उपकरणों की भी खरीद की जाएगी। एडीजीपी पृथ्वीराज ने बताया कि उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में खरीद कर जवानों को आधुनिक उपकरणों से लैस कर दिया जाएगा।