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Himachal Police : हिमाचल पुलिस में खत्म हुआ ऑफलाइन ACR का दौर, अब मानव संपदा पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया

Mon, 13 Jul 2026 02:05 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश पुलिस में अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है। वर्ष 2025-26 से एचपीएसएस अधिकारियों की एपीएआर केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से भरी और प्रोसेस की जाएगी। सरकार ने रिपोर्टिंग, समीक्षा और अंतिम स्वीकृति देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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हिमाचल प्रदेश पुलिस में अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है। राज्य सरकार के गृह विभाग (गोपनीय शाखा) और पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025-26 से हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा अधिकारियों के लिए ऑफलाइन या मैनुअल एसीआर, एपीएआर व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब सभी एचपीपीएस अधिकारियों की एपीएआर केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरी और प्रोसेस की जाएगी।

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पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था का समयबद्ध और सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने विभिन्न रैंक के एचपीपीएस अधिकारियों के लिए रिपोर्टिंग, रिव्यूइंग और एक्सेप्टिंग अथॉरिटी भी निर्धारित कर दी है। पुलिस अधीक्षक रैंक के एचपीपीएस अधिकारियों की रिपोर्टिंग पुलिस महानिदेशक करेंगे, समीक्षा मुख्य सचिव करेंगे और अंतिम स्वीकृति मुख्यमंत्री देंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक स्तर के एचपीपीएस अधिकारियों के लिए रिपोर्टिंग अथॉरिटी संबंधित पुलिस अधीक्षक होंगे, जबकि रिव्यूइंग अथॉरिटी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव (गृह) और एक्सेप्टिंग अथॉरिटी मुख्यमंत्री होंगे। 

31 दिसंबर तक पूरी होगी एपीएआर 
गृह विभाग की ओर से जारी संशोधित समयसारिणी के अनुसार सभी अधिकारियों को अपने रिपोर्टिंग अथॉरिटी को 31 जुलाई, रिव्यूइंग अथॉरिटी को 30 सितंबर और एक्सेप्टिंग अथॉरिटी को 31 दिसंबर तक पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी। निर्धारित समय-सीमा के बाद पोर्टल स्वतः अगले स्तर पर फाइल भेज देगा तथा 31 दिसंबर को प्रक्रिया स्वतः बंद हो जाएगी। पोर्टल पर मैपिंग या तकनीकी समस्या आने पर अधिकारी 31 मई 2026 तक गृह विभाग की गोपनीय शाखा से ईमेल या लैंडलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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