शिमला जिले में पुलिस की सिपाही भर्ती का परिणाम वीरवार देर शाम घोषित कर दिया गया। सिपाही भर्ती के लिए पुरुष और महिला वर्ग के सैकड़ों अभ्यर्थी तय मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। जिला शिमला में 158 पदों में से 117 पद ही भर पाए। इसमें 41 पद खाली रह गए। अब इन पदों को भरने के लिए फिर से पुलिस भर्ती का इंतजार करना होगा।
पुरुष कांस्टेबल पद के लिए 935 उम्मीदवार बुलाए थे। इसमें पुरुष कांस्टेबल के लिए 110 में से 80 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। महिला कांस्टेबल के 37 पदों में से 29 ही भरे गए हैं। चालक के 11 से 8 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन हुआ।
इसमें खेल, स्वतंत्रता सेनानी, आईआरडीपी, ओबीसी कोटे सहित विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में कई अभ्यर्थी इस कसौटी पर खरे नहीं उतरे पाए। क्वालीफाई के लिए न्यूनतम 50 फीसदी अंक रखे थे। लिखित परीक्षा में प्रदेशभर में टॉपर रहे जिले के इशांत हांडा ने 100 में से 74.57 अंक हासिल किए हैं। पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती के 158 पदों का परिणाम वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रमाण पत्रों के आधार पर मिले 15 अंक
पुलिस भर्ती प्रमाण पत्रों के आधार पर 15 नंबर दिए गए। इसमें शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 2.5 नंबर, ग्रामीण एवं बैकवर्ड क्षेत्र के अभ्यर्थियों को एक नंबर, लैंडलेस अभ्यर्थियों को एक नंबर, एनएसएस और एनसीसी के चार नंबर, एलएमबी लाइसेंस के 1.5 नंबर, स्पोर्ट्स कोटे के अभ्यर्थियों का अंतरराष्ट्रीय, ओलंपिक, नेशनल लेवल के खिलाड़ी को एक नंबर दिया गया। इसके अलावा पांच नंबर हाइट के रखे थे।
कब क्या हुआ
20 नवंबर से तीन दिसंबर 2021 तक पुलिस लाइन भराड़ी में पुलिस कांस्टेबल के 158 पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई थी। इसमें से 5,114 उम्मीदवार लिखित परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं। इसमें पुरुष के 3,921, महिला 1,146 और चालक पद के लिए 47 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। इसके बाद 27 मार्च 2022 को शहर के विभिन्न केंद्रों पर लिखित परीक्षा हुई थी। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की मूल्यांकन प्रक्रिया चार मई से शुरू से हुई, लेकिन पांच मई को लिखित परीक्षा के परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद दोबारा शहर के 11 केंद्रों पर 4 जुलाई को लिखित परीक्षा हुई। 10 जुलाई को 935 अभ्यर्थी परीक्षा में पास हुए थे। इसके बाद 18 से 20 जुलाई तक पुलिस लाइन कैथू में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के दस्तावेजों मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच हुई थी।