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हिमाचल: शिमला के चौड़ा मैदान में गरजे आउटसोर्स कर्मचारी, स्थायी नीति, समान वेतन और नौकरी में सुरक्षा की मांग

Fri, 27 Mar 2026 04:12 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और नौकरी में सुरक्षा सुनिश्चित करना और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए। पढ़ें पूरी खबर...
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चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन करते आउटसोर्स कर्मचारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में प्रदेशभर के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान इन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि वह विभिन्न सरकारी विभागों में 15 से 20 वर्षो से सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें न तो नौकरी में सुरक्षा है और न ही उचित वेतन मिल रहा है।

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कर्मचारियों ने कहा कि हाल ही में विभिन्न विभागों से आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के मामलों ने कर्मचारियों में डर बढ़ा दिया है। इस तरह की कार्रवाइयों से कर्मचारियों में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। कर्मचारियों को डर सता रहा है कि न जाने कब इनकी नौकरी चली जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगें हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और नौकरी में सुरक्षा सुनिश्चित करना और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ के संयोजक अश्विनी शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को न तो उचित वेतन मिल रहा है न नौकरी में सुरक्षा है। इसके कारण उनका तो भविष्य खराब हो ही रहा है साथ मे उनके बच्चों का भी भविष्य खतरे में है। महंगाई के इस दौर के आउटसोर्स कर्मचारियों को महज 13,000 के आस पास वेतन मिल रहा है इसमें जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सेवाएं दे रहे है लेकिन उनके वेतन में असमानता है। इसके साथ ही नौकरी में सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को दो प्रमुख मांगे हैं कि कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और समान काम का समान वेतन दिया जाए। इन्ही मांगों को लेकर आज या पर प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तो आउटसोर्स कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा।
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