हमीरपुर जिले के सदर पुलिस थाने के तहत पंधेड़ गांव में सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूर नए बने टैंक में शटरिंग खोलने के लिए उतरे थे। कई बार आवाज लगाने के बाद भी दोनों ने जवाब नहीं दिया तो बाहर खड़े तीसरे मजदूर ने टैंक के अंदर झांककर देखा तो दोनों अचेत अवस्था में पाया।
मजदूर ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मचारियों ने दोनों को टैंक से निकाला और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। शुक्रवार सुबह देशराज (48) पुत्र सुखराम निवासी गांव चमनेड़ और गुरवचन (30) निवासी बदायूं (उत्तरप्रदेश) पंधेड़ गांव में दिहाड़ी लगाने घर से निकले थे।
इनके साथ चमनेड़ गांव का ही एक अन्य मजदूर भी था। दोपहर करीब 12 बजे दोनों नए बने सेप्टिक टैैंक की शटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरे। तीसरा मजदूर बाहर खड़ा था। दोनों को आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला तो तीसरे ने उन्हें अचेत देखकर शोर मचाया। दमकल विभाग और पुलिस ने जेसीबी की सहायता से पहले टैंक का लेंटर तुड़वाया। इसके बाद दमकल कर्मी आक्सीजन सिलिंडल के साथ टैंक में गए और दोनों को निकाला।
इससे पहले कुछ लोगों ने टैंक में उतरने की कोशिश भी की, लेकिन जहरीली गैस के डर से नहीं उतर पाए। देशराज अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियां, पत्नी और बूढ़े माता-पिता छोड़ गया है। गुरवचन की पत्नी और दो छोटे बच्चे छूट गए हैं। थाना प्रभारी सदर संजीव गौतम ने कहा कि एंबुलेंस में दोनों को लाया गया था। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।