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बागवानी: बांग्लादेश, नेपाल चखेगा सिरमौर के आम का स्वाद, 600 टन होगा निर्यात

Wed, 05 Jul 2023 12:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर हितेश शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)

सार

रॉयल फ्रूट कंपनी के प्रबंधक मोहम्मद दिलशाद और गुलशाद ने बताया कि बांग्लादेश को पहली बार 100 टन और नेपाल को 500 टन आम भेजा जाएगा।
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आम की पैकिंग करते कामगार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सिरमौर के लंगड़ा, दशहरी और चौसा किस्मों के आम का स्वाद इस बार पड़ोसी मुल्क के लोग भी चखेंगे। बेहद मीठे और रसीले आम की इन किस्मों की मांग पहली बार बांग्लादेश और नेपाल से आई है। कोलकाता भी सिरमौर का आम भेजा जाने लगा है। सिरमौर के लोकल आम ने दिल्ली व पंजाब की मंडियों में दस्तक दे दी है। अब बाहरी राज्यों के आम की आमद कम होने लगी है।

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मंडियों में लोकल आम पहुंचते ही मांग भी बढ़ गई है। सिरमौर में आम का कारोबार कर रही सहारनपुर की रॉयल फ्रूट कंपनी को दिल्ली की एसएफसी कंपनी से नेपाल, बांग्लादेश और कोलकाता आम भेजने की मांग मिली है। यहां के व्यापारी दिल्ली की कंपनी को सप्लाई देंगे। इसके बाद कंपनी विदेशों को खेप भेजेगी। रॉयल फ्रूट कंपनी के प्रबंधक मोहम्मद दिलशाद और गुलशाद ने बताया कि बांग्लादेश को पहली बार 100 टन और नेपाल को 500 टन आम भेजा जाएगा।

दिल्ली की कंपनी से उन्हें मांग मिली है। लंगड़ा और दशहरी आम की किस्में तैयार हैं। चौसा आम टूटने में कुछ दिन का समय लगेगा। लगभग एक जैसी जलवायु के चलते सिरमौर और सहारनपुर का आम सबसे अंत में तैयार होता है। इसके बाद आम का सीजन खत्म हो जाएगा।  
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लंगड़ा आम की अधिक मांग: सिरमौर का लंगड़ा आम काफी मीठा है। जल्दी खराब नहीं होता। इसकी मंडियों में भारी मांग है। दशहरी किस्म का आम भी मीठा है। बताया जा रहा है कि थोक में लंगड़ा आम के 40 रुपये प्रति किलो तक दाम जाएंगे। अभी दशहरी थोक में 25 से 30 रुपये किलो तक बिक रहा है। जबकि, मंगलवार को नाहन बाजार में लंगड़ा आम 70-80 रुपये और दशहरी के 50-60 रुपये किलो दाम रहे। 

सिरमौर में 3,500 मीट्रिक टन आम का उत्पादन हो रहा है। करीब 3,100 हेक्टेयर में इसका    उत्पादन किया जा रहा है। यहां सबसे ज्यादा दशहरी के साथ-साथ लंगड़ा और कुछ हिस्सों में चौसा व रामकेला जैसी किस्में मशहूर हैं। - डॉ. सतीश शर्मा, उपनिदेशक बागवानी सिरमौर

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