फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: शिमला के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, अभिभावकों को मैसेज; बच्चों को तुरंत घर ले जाएं

Mon, 04 May 2026 11:55 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

राजधानी शिमला के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है और सभी स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
स्कूल से छुट्टी होने पर घर जाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी के कुछ स्कूलों को सोमवार को ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। इससे स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। सुबह 11:00 बजे से पहले ही अभिभावकों को बच्चों को घर ले जाने का मैसेज आ गया। इस वजह से अफरा-तफरी में अभिभावक स्कूल पहुंचे। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही सभी स्कूलों में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन इस दौरान किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु परिसर से बरामद नहीं की गई है। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 

विज्ञापन

पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि इस तरह की अफवाहों पर गौर न करें। पुलिस की ओर से स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं। धमकी भरी ईमेल शहर के ज्यादातर स्कूलों को एक साथ भेजी है और इसमें किसी खास स्कूल का नाम नहीं था। अभी तक की जांच में सामने आया है कि एक ही ईमेल को सभी स्कूलों की आधिकारिक वेबसाइट पर भेजा है। मामला सोमवार सुबह का है, जब एक साथ शहर के स्कूलों को ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी मिली। 

स्कूल प्रबंधनों ने मामले की सूचना शिमला पुलिस को दी और इसके साथ ही कई स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी करने का फैसला लिया।  शहर के स्कूलों को ईमेल पर मिली धमकी के बाद सबसे पहले दयानंद स्कूल में छुट्टी की गई। इसके बाद चैल्सी, डीएवी लक्कड़ बाजार, डीएवी न्यू शिमला, डीएवी टुटू और केवी स्कूल में छुट्टी कर दी गई। 

अभिभावकों को आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन की ओर से मेसेज किए गए। इसके बाद अभिभावक किसी तरह से स्कूल पहुंचे और बच्चों को घर लेकर गए।  इससे पहले महीने मंडी उपायुक्त कार्यालय को भी ईमेल के जरिये धमकी मिली।  इससे हड़कंप मच गया। इसके बाद जिला अदालतों को भी इसी तरह से धमकी भरे ईमेल मिले। इन मामलों को लेकर पुलिस विशेषज्ञों की टीमें जांच कर रही हैं। हालांकि अभी तक कोई शातिर हाथ में नहीं आया है।

फोन पर भेजा बच्चों को घर ले जाने का मैसेज 
अभिभावकों को फोन पर बच्चों को ले जाने के मैसेज मिले। इसके बाद अभिभावक भागकर स्कूल पहुंचे और बच्चों को ले जाया गया। कई स्कूलों में बच्चों को मॉक डि्रल के लिए स्कूल मैदान में लाया गया। इसके बाद पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल में किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं मिली है। अप्रैल में भी शहर के तीन स्कूलों को इसी तरह से ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। 

शहर के स्कूलों को ईमेल पर धमकी मिली है। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत सभी उचित कदम उठाए हैं। शहरवासियों को किसी भी प्रकार कही अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। -गौरव सिंह, एसएसपी शिमला

बार-बार आ रही धमकियां पता लगाने में पुलिस लाचार
पिछले डेढ़ साल से सरकारी संस्थाओं और शिमला के स्कूलों को ईमेल पर बम से उड़ाने की कई धमकियां मिल चुकी हैं लेकिन ज्यादातर मामलों को पुलिस और सीआईडी सुलझाने में कामयाब नहीं हो पाई है। इस वजह से आए दिन आरोपीईमेल से धमकियां देकर लोगों में डर का माहौल बनाने में कामयाब हो रहे हैं। हर बार धमकी आने के बाद पुलिस आनन-फानन में परिसरों को खाली करवाने के बाद तलाशी अभियान चलाती है और इसके बाद कहा जाता है कि पूरा मामला झूठा निकला है। इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाती हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा किया जाता है लेकिन किसी भी मामले में पुलिस की टीम आरोपियों को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है।

जांच में आरोपियों की ओर से विदेशी (वीपीएन) वर्चुअल प्राइवेट नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है जिस तक पहुंचना काफी मुश्किल होता है।  इसके बावजूद आरोपियों तक नहीं पहुंच पाना जांच एजेंसियों की कार्य क्षमता पर कई सवाल खड़े कर रहा है। वर्ष 2025 के अप्रैल में मुख्य सचिव कार्यालय को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई और बम निरोधक दस्ते ने परिसर में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
विज्ञापन

वीपीएन से देते हैं धमकी
अभी तक के मामलों की जांच में सामने आया है कि आरोपी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के अलावा फेक ईमेल आईडी और विदेशी ईमेल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। जांच में साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है और सीआईडी जैसी प्रतिष्ठित जांच एजेंसी भी कई मामलों की जांच कर रही है। इसके बावजूद आरोपियों के ईमेल भेजकर सनसनी फैलाने वालों को पकड़ा नहीं जा सका है। प्रदेश में सिर्फ जिला कुल्लू के उपायुक्त कार्यालय को मिली धमकी के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा प्रदेश में किसी भी मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें