शिमला में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में आरोपी, पीड़ित और गवाह सभी शिमला में ही तैनात थे।
राजधानी शिमला में तैनात रहे एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ महिला थाने में दर्ज हुए मामले की जांच मिलने के साथ ही एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। जांच टीम ने मजिस्ट्रेट के सामने शिकायतकर्ता महिला पुलिस कर्मी के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही मामले में गवाह पुलिस कर्मियों को भी एक-एक कर बुलाने के लिए संपर्क कर लिया है।
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सूत्रों का कहना है कि जांच टीम में महिलाओं को भी सिर्फ इसलिए शामिल किया गया है, ताकि पीड़ित या अन्य महिला गवाहों को जांच के दौरान अपनी बात रखने में परेशानी न हो। बता दें, शिमला में तैनात एक महिला पुलिस कर्मी ने तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले में आरोपी, पीड़ित और गवाह सभी शिमला में ही तैनात थे। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी संजय कुंडू ने जांच सीआईडी को सौंप दी थी। सीआईडी के एसपी शिव कुमार की अध्यक्षता में गठित एक एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।