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मटर की हरियाली से किसानों की चांदी, खेतों में ही बिक रहा है 90 रुपये किलो

Mon, 27 Jul 2020 04:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
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Peas - फोटो : अमर उजाला
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जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के किसानों का हरा मटर इन दिनों खेत में ही 75 से 90 रुपये किलो तक बिक रहा है। कोरोना काल के बीच मटर के अच्छे दाम मिलने से किसानों के चेहरे चहक गए हैं। पट्टन घाटी में मटर सीजन लगभग 70 फीसदी तक सिमट चुका है। अब तोद, तिनन और म्याड़ घाटी में मटर सीजन शुरू हो गया है। इधर, पट्टन घाटी के कई गांवों में इन दिनों फूलगोभी का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को फूलगोभी के भी शुरूआती दौर में 30 से 35 रुपये प्रतिकिलो दाम मिल रहे हैं।

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फसल खरीदने पहुंच रहे व्यापारियों ने आगामी दिनों में फूल गोभी के दामों में उछाल आने के संकेत दिए हैं। कोरोना महामारी के चलते लाहौल घाटी के किसानों ने मटर के साथ अन्य सब्जियों के उत्पादन में कमी कर आलू की फसल को अधिक तरजीह दी है। स्थानीय व्यापारी ओम प्रकाश ने कहा कि वह किसानों से 80 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से हरा मटर खरीद रहे हैं। किसानों को इस साल हर फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

किसान रमेश लाल, प्रेम चंद, सुरेंद्र और प्रेमदासी ने कहा कि घाटी में हरा मटर खेतों में 90 रुपये किलो तक बिक रहा है। कोरोना महामारी के बीच किसानों को यह उम्मीद नहीं थी कि उन्हें फसलों के इस तरह के दाम मिल पाएंगे। उधर, जिला कृषि अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार किसानों ने गत वर्ष के मुकाबले मटर और गोभी की फसल की कम बिजाई की है। कम फसल होने के चलते दामों में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है। 

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