चंबा के उपमंडल सलूणी की ग्राम पंचायत लिग्गा में कोरोना की दूसरी लहर के बीच एक भी मामला सामने नहीं आया है। कोरोना से निपटने के लिए जहां पंचायत प्रशासन के दिशा निर्देशों की पालना कर रही है। वहीं, पंचायत अपने स्तर पर भी इस महामारी को रोकने के लिए प्रयास कर रही है। पंचायत में तैनात वालंटियरों की भी अहम भूमिका रही है।
पंचायत की आबादी करीब 1350 है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर किसी भी बाहरी व्यक्ति या पर्यटक को पंचायत में प्रवेश नहीं करने दिया, साथ ही समय-समय पर लोगों को कोरोना के बारे में जागरूक किया। ग्रामीणों को मास्क और सैनिटाइजर भी वितरित किए और लोगों को पंचायत में दायरे में रहने के लिए ही कहा।
आज जिला की यह ऐसी पंचायत बन गई है, जहां अब तक कोरोना नहीं पहुंच पाया है। उपमंडलीय प्रशासन सलूणी द्वारा भी पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों की सतर्कता की प्रशंसा की है। साथ ही इसी तरह अन्य पंचायतों को सजग रहने का आह्वान किया है।
पहली लहर में एक मामला
पंचायत में कोरोना की पहली लहर के दौरान एक मामला सामने आया था। जिला मुख्यालय से आए इस व्यक्ति को संस्थागत क्वारंटीन किया गया था। इसके बाद पंचायत में कोई नया मामला सामने नहीं आया।
पंचायत प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि पंचायत में कोरोना की दूसरी लहर में कोई मामला सामने नहीं आया है। प्रशासन के निर्देशों को पंचायत में लागू किया गया है।
एसडीएम सलूणी किरण भड़ाना ने बताया कि पंचायत को कोरोना मुक्त करने में पंचायत प्रधान, वालंटियरों और ग्रामीणों का काफी योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर में कोई कोरोना का मामला सामने नहीं आया है।