अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही हमीरपुर भाजपा में खूब उथल-पुथल मच गई है। अब भाजपा विधि विभाग के जिला संयोजक नरेश जसवाल ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। वह वर्तमान में बूथ अध्यक्ष, गांव कोट के ग्राम केंद्र पालक और भाजपा एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव भी थे। नरेश जसवाल ने अपने इस्तीफे की प्रति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, जिला अध्यक्ष बलदेव शर्मा और भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन कुमार को भेजी है।
इस्तीफे में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में पार्टी आरएसएस, एबीवीपी और भाजपा तीन धड़ों में बंट चुकी है। उन्होंने भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे ठाकुर जगदेव चंद के समय वर्ष 1980-81 में भाजपा ज्वाइन की थी। 40 वर्षों के दौरान वह पार्टी के विभिन्न पदों पर रहकर सेवाएं दे चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। अगर पदाधिकारियों की ही सुनवाई नहीं होगी तो वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को क्या जवाब देंगे। उन्होंने एमबीए, एमए, एलएलबी और डीपीएम की डिग्री हासिल की है। वह एचएएस, अतिरिक्त सेशन जज समेत कई परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं और करीब 128 बार इंटरव्यू में भाग ले चुके हैं, लेकिन जानबूझ कर उनके साथ भेदभाव किया गया।
जसवाल ने भाजपा से त्यागपत्र देने के बाद कांग्रेस की सदस्यता ली
पिछले 40 सालों से भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे एडवोकेट नरेश जसवाल ने सभी ओहदों से त्यागपत्र देकर 16 परिवारों के साथ कांग्रेस पार्टी की विधिवत रूप से सदस्यता ग्रहण कर ली। सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने उनका पार्टी में पटका पहनाकर स्वागत किया। सदस्यता ग्रहण करने के बाद नरेश जसवाल ने कहा कि जिस घर में मान-सम्मान न हो, उसे छोड़ना ही बेहतर है।
सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से कई कार्यकर्ताओं का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में इससे पूर्व मार्च माह में जंदडू पंचायत के पूर्व प्रधान एवं भाजपा बूथ पालक, भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के कनवीनर रहे प्रवीण ठाकुर ने कांग्रेस ज्वाइन की थी।