जिला हमीरपुर में ब्यास नदी की सहायक खड्डों के किनारे बंद किए स्टोन क्रशरों के संचालन का फैसला अब जांच कमेटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन, साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग के अधिकारियों की अगुवाई वाली नौ सदस्यीय जांच कमेटी ने मंगलवार और बुधवार को हमीरपुर में बंद किए गए 16 स्टोन क्रशरों को निरीक्षण किया है। अब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही स्टोन क्रशरों के संचालन का फैसला होगा।
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जानकारी के अनुसार शिमला से आई नौ सदस्यीय जांच कमेटी ने दो दिन तक ब्यास नदी की सहायक मान, कुनाह, बाकर और पुंग खड्डों के किनारे चलने वाले स्टोन क्रशरों की निरीक्षण किया। कमेटी यह सुनिश्चित कर रही है कि जब स्टोन क्रशर चल रहे थे तो इनके मालिकों ने सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन किया है या नहींं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही इन्हें चलाने अथवा बंद रखने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश में बरसात के दौरान आई आपदा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने ब्यास और इसकी सहायक खड्डों के किनारों पर स्थापित 16 स्टोन क्रशरों को बंद कर दिया था। इस दौरान स्टोन क्रशरों के बिजली कनेक्शन भी काट दिए गए थे। स्टोन क्रशर मालिकों को बंद पड़े क्रशरों से काफी नुकसान हो रहा है। क्रशर मालिक भी प्रदेश सरकार से नियमों के तहत इन्हें दोबारा सुचारू रूप से चलाने की गुहार लगाई थी।
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अब जांच कमेटी ने इन स्टोन क्रशरों की वास्तुस्थिति को परख लिया है और जो स्टोन क्रशर सरकार द्वारा तय नियमों का सही ढंग से पालन करते हुए पाए गए हैं, उन्हें दोबारा से संचालित करने की अनुमति प्रदान कर सकती है। इस नौ सदस्यीय जांच कमेटी में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन और साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग के अधिकारी शामिल हैं। खनन विभाग द्वारा लीज पर दी गई भूमि को केवल एक मीटर तक ही खोदा जा सकता है और खसरा नंबर में तय जगह पर ही खुदाई की जा सकती है।
नियमों को पूरा करने वालों पर ही होगा विचार
जिला खनन अधिकारी हरविंद्र सिंह ने बताया कि ब्यास नदी की सहायक खड्डों के किनारे लगाए गए स्टोन क्रशरों का 17-18 अक्तूबर को शिमला से आई जांच कमेटी ने निरीक्षण किया है। कमेटी ने मान, पुंग, कुनाह और बाकर खड्डों के किनारे स्टोन क्रशरों का दौरा कर उन्हें दोबारा चलाने के लिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार निरीक्षण किया। कमेटी स्टोन क्रशरों की रिपोर्ट तैयार कर रही है, जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खनन विभाग के नियमों को पूरा करेंगे, उन्हें दोबारा चलाने पर विचार किया जा रहा है।