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Himachal News: विशेषाधिकार हनन पर मंडी के उपायुक्त से जवाबतलब, जानें पूरा मामला विस्तार से

Thu, 05 Feb 2026 12:37 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश सरकार में खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। जिस पर सरकार ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पत्र भेजा है।  इस पत्र में उपायुक्त मंडी से जवाब लेकर विधानसभा सचिवालय को भेजने को कहा गया है। जानें पूरा मामला...
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आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा/उपायुक्त मंडी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा की ओर से मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन के खिलाफ की गई विशेषाधिकार की शिकायत सरकार ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को पत्र भेजा है। इस पत्र में उपायुक्त मंडी से जवाब लेकर विधानसभा सचिवालय को भेजने को कहा गया है। इसमें उपायुक्त से मंत्री के प्रोटोकॉल के बारे में पूछा गया है। जवाब मिलने के बाद इसे आगामी कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया इस पर निर्णय लेंगे कि इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए या नहीं।

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गोमा ने डीसी मंडी अपूर्व देवगन के खिलाफ पिछले हफ्ते विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा था। मंत्री ने उपायुक्त को गणतंत्र दिवस समारोह से एक दिन पहले उनके मंडी आगमन के दौरान अनपुस्थित रहने और प्रोटोकॉल की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। नोटिस में मंत्री गोमा ने कहा कि वह 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए मंडी पहुंचे थे। यह दौरा राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम से जुड़ा था। इसके बावजूद डीसी न तो खुद उपस्थित हुए और न ही उनकी ओर से किसी प्रकार की औपचारिक सूचना दी गई। वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं दी गई।

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एक कैबिनेट मंत्री के आगमन पर उपायुक्त की अनुपस्थिति प्रशासनिक उदासीनता और जिम्मेवारी के अभाव को दिखाती है। मामला सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं है। उनका यह व्यवहार सरकारी प्रोटोकॉल और प्रशासनिक मानदंडों का उल्लंघन है। यह न केवल एक चुने हुए प्रतिनिधि की सांविधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि यह विधायिका के प्रति असम्मान को भी दर्शाता है। 

यह विधानसभा सदस्य के विशेषाधिकार का उल्लंघन है। वहीं, मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि विधानसभा सचिवालय से जवाब मांगे जाने के बाद इस विषय को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाएगा। उनके निर्देशानुसार ही इस विषय को आगे बढ़ाया जाएगा। 
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