लाखों फर्जी डिग्री बेचने के मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले ट्रस्ट के ट्रस्टी आरके राणा के आयकर चोरी की भी बात सामने आ रही है। विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि ट्रस्टी राणा ने करोड़ों रुपये के आयकर की चोरी की है। विभाग प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की जांच और उसमें सामने आ रही जानकारियों का भी अध्ययन कर रहा है।
चूंकि प्रवर्तन निदेशालय व एसआईटी की जांच में कई संपत्तियां मिलने, संपत्तियों की कम कीमत दिखाने, डिग्रियां बेचकर करोड़ों रुपये कमाने जैसी जानकारी मिली है, ऐसे में यह तय है कि काले धन को खपाने से पहले उसे कमाने के दौरान आयकर विभाग से जानकारी छिपाई गई है।
इसकी वजह से अब आयकर विभाग भी विश्वविद्यालय व ट्रस्ट के खिलाफ कर चोरी के संबंध में कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जांच अधिकारी मामले में सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटे हैं। इसके बाद इसी जानकारी को वह प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की एसआईटी से भी साझा करेंगे ताकि उसके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई पक्की हो सके और बचने के रास्ते बंद हो जाएं।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के मालिक व ट्रस्टी के खिलाफ फर्जी डिग्री बेचने के आरोप लगे हैं। तीन एफआईआर सोलन में दर्ज की गई हैं जबकि एक ईसीआईआर प्रवर्तन निदेशालय ने भी दर्ज की है। राणा समेत उनके कई करीबी भी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनकी काली कमाई पर हर तरफ से जांच जारी है।